दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस फ्लाइट LX147 के टेकऑफ के दौरान इंजन फेल होने से आग लग गई। 232 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, 6 घायल हुए। एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की गई।
नई दिल्ली: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार देर रात एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट LX147 के टेकऑफ के दौरान इंजन फेल हो गया और उसमें आग लग गई।

टेकऑफ से ठीक पहले इंजन में खराबी
जानकारी के अनुसार, स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख जाने वाली यह फ्लाइट रात 1:08 बजे टेकऑफ करने वाली थी। इसी दौरान विमान के एक इंजन में अचानक खराबी आ गई और उसमें आग लग गई। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया।
232 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
विमान में कुल 232 यात्री सवार थे, जिनमें 4 नवजात भी शामिल थे। हादसे के बाद सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 6 यात्री घायल हो गए।
एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने फुल इमरजेंसी घोषित कर दी। दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर विमान के लैंडिंग गियर में लगी आग पर काबू पाया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और हालात को नियंत्रण में लिया।
एयरलाइन का बयान
स्विस एयरलाइंस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि विमान एयरबस A330 था और टेकऑफ के दौरान बाईं ओर लैंडिंग गियर से धुआं निकलता देखा गया। इसके बाद तत्काल फ्लाइट को रोक दिया गया।एयरलाइन ने बताया कि स्थानीय टीमें यात्रियों की सहायता कर रही हैं और घटना की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम दिल्ली भेजी जाएगी।
10 दिनों में दूसरी बड़ी घटना
गौरतलब है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर पिछले 10 दिनों में यह दूसरी बड़ी विमान संबंधी घटना है। इससे पहले 16 अप्रैल को स्पाइसजेट और अकासा एयर के दो विमान आपस में टकरा गए थे। हालांकि उस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ था।
हाल के महीनों में बढ़े तकनीकी मामले
देश में हाल के महीनों में विमान की तकनीकी खराबी और इमरजेंसी लैंडिंग के मामले सामने आए हैं। मार्च 2026 में इंडिगो की फ्लाइट में इंजन फेल होने के बाद दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।इसके अलावा जनवरी 2026 में लखनऊ से सऊदी अरब जा रहे एक विमान में केबिन प्रेशर की समस्या के चलते उसे वापस उतारना पड़ा था।लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच विमान सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।