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Corporate Row: Fadnavis on Axis Bank Claim

TCS विवाद के बीच कॉरपोरेट जगत पर सवाल, अमृता फडणवीस ने किया दावा- एक्सिस बैंक में भी हुआ था धर्मांतरण

TCS विवाद के बीच अमृता फडणवीस का दावा, एक्सिस बैंक में भी कन्वर्जन के मामले सामने आए थे। कॉरपोरेट वर्क कल्चर और सुरक्षा पर फिर उठे सवाल।


tcs विवाद के बीच कॉरपोरेट जगत पर सवाल अमृता फडणवीस ने किया दावा- एक्सिस बैंक में भी हुआ था धर्मांतरण

मुंबई: आईटी सेक्टर में जारी विवादों के बीच देश के कॉरपोरेट वर्क कल्चर को लेकर बहस तेज हो गई है। Amruta Fadnavis ने हालिया विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान Axis Bank में भी कन्वर्जन से जुड़े मामले सामने आए थे। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़ा मामला चर्चा में है और कॉरपोरेट वातावरण की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

कॉरपोरेट वर्क कल्चर पर उठे गंभीर सवाल

हालिया घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बड़े कॉरपोरेट संस्थानों में कार्यस्थल वास्तव में सुरक्षित और निष्पक्ष हैं। कई मामलों में कर्मचारियों द्वारा उत्पीड़न, दबाव और भेदभाव के आरोप सामने आए हैं। हालांकि, संबंधित कंपनियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त आंतरिक नीतियों का हवाला दिया है।

TCS विवाद से शुरू हुई बहस

मामले की शुरुआत Tata Consultancy Services के नासिक प्रकरण से हुई, जहां कुछ कर्मचारियों ने उत्पीड़न और जबरन धार्मिक दबाव जैसे आरोप लगाए। इस मामले में कई एफआईआर दर्ज हुई हैं और जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

अन्य कंपनियों में भी उठे विवाद

आईटी और कॉरपोरेट सेक्टर में इससे पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। Tech Mahindra को लेकर सोशल मीडिया पर इफ्तार से जुड़ा दावा वायरल हुआ, जिसे कंपनी ने खारिज कर दिया। वहीं Infosys की पुणे यूनिट से जुड़े कुछ पोस्ट में महिला कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए, हालांकि बाद में ये पोस्ट हटा दिए गए। इसी तरह Lenskart की एचआर पॉलिसी को लेकर भी विवाद हुआ, जिसमें धार्मिक प्रतीकों पर कथित प्रतिबंध का मुद्दा उठा। कंपनी ने इसे पुराना दस्तावेज बताते हुए सुधार की बात कही।

अमृता फडणवीस का बयान और सख्ती की मांग

Amruta Fadnavis ने कहा कि कॉरपोरेट जगत में इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को जागरूक रहने और संस्थानों को सख्त कार्रवाई करने की सलाह दी। कॉरपोरेट सेक्टर में पारदर्शिता, सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करना समय की मांग बनता जा रहा है, ताकि कर्मचारियों का विश्वास बना रहे और कार्यस्थल का माहौल स्वस्थ बना रहे। 

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