Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > देश

मुख्यमंत्री मोहन यादव का मुरैना दौरा आज, चंबल नदी में छोड़ेंगे घड़ियाल

मुख्यमंत्री मोहन यादव का मुरैना दौरा आज, चंबल नदी में छोड़ेंगे घड़ियाल

मुख्यमंत्री मोहन यादव का मुरैना दौरा आज चंबल नदी में छोड़ेंगे घड़ियाल

CM Mohan Yadav Morena Visit : मुरैना। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 फरवरी को मुरैना जिले का दौरा करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे और साथ ही राजघाट पहुंचकर चंबल नदी में घड़ियालों को छोड़कर वन्य जीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश देंगे। इस दौरे के दौरान वे कराह धाम आश्रम का भी दौरा करेंगे और वहां के व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह दौरा वन्य-जीव पर्यटन को एक नया आयाम देने का संकेत है। वे चंबल अभयारण्य का दौरा करेंगे और चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य की व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे। इस दौरान वे चंबल नदी के जैव विविधता और उसके संरक्षण के उपायों पर भी चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रकृति के दृष्टिकोण से अत्यधिक समृद्ध है, यहां के घने वन, विविध वृक्ष और वन्य-प्राणी राज्य की पहचान बन चुके हैं। मध्य प्रदेश बाघ, तेंदुआ और घड़ियाल जैसे प्राणियों का घर है और यह राज्य चीते पुनर्स्थापन में भी एकमात्र राज्य है।

मुख्यमंत्री ने घड़ियालों के संरक्षण पर भी जोर दिया और बताया कि चंबल नदी में देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा घड़ियाल पाए जाते हैं। दुनिया में लगभग तीन हजार घड़ियाल हैं, और इनमें से 85 प्रतिशत चंबल नदी में पाए जाते हैं। जनवरी और फरवरी के दौरान घड़ियाल पानी से बाहर निकलते हैं, जिससे उनकी गिनती करना आसान होता है।

राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, जिसे राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य भी कहा जाता है, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयासों से एक महत्वपूर्ण संरक्षण परियोजना है। यह अभयारण्य 1978 में वन्य-जीव अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया था।

इसका मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल मुकुट वाले छत कछुए और गांगेय डॉल्फिन जैसी प्रजातियों का संरक्षण करना है। यह अभयारण्य 5.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है।


Related to this topic: