भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उन्हें तीन गोलियां लगी थीं। रिपोर्ट में सेमी ऑटोमैटिक हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगी थीं। जिनमें दो सीने में और एक पेट में लगी। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर आंतरिक चोटों की वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने सेमी ऑटोमैटिक हथियार का इस्तेमाल किया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। भाजपा इसे राजनीतिक हिंसा से जोड़कर देख रही है।
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमॉर्टम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चंद्रनाथ रथ का पोस्टमॉर्टम Barasat Government Medical College and Hospital में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किया गया। इस बोर्ड में विभागाध्यक्ष और दो असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल थे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया कि गोली लगने के कारण शरीर से काफी खून बह गया था, जिससे कई महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया। मेडिकल विशेषज्ञों ने माना कि चोटें इतनी गंभीर थीं कि बचने की संभावना बेहद कम थी।
ड्राइवर भी हुआ घायल
हमले के वक्त चंद्रनाथ रथ के साथ वाहन चालक बुद्धदेव बेरा भी मौजूद थे। इस हमले में उन्हें भी गोली लगी थी। हालांकि डॉक्टरों ने सर्जरी कर उनके शरीर से गोली निकाल दी और उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। रिपोर्ट में यह भी पुष्टि हुई है कि हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाई थीं। पुलिस अब हथियार और हमलावरों के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
रथ की कोई राजनीतिक दुश्मनी नहीं थी
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि चंद्रनाथ रथ की किसी से व्यक्तिगत या राजनीतिक दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर रथ उनके निजी सहायक नहीं होते, तो शायद उनकी हत्या नहीं होती। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इस हत्या में “सुपारी किलर्स” शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
अगर भवानीपुर नहीं जीतता तो शायद जान बच जाती
शुभेंदु अधिकारी ने भावुक बयान देते हुए कहा कि भवानीपुर चुनाव जीतने की वजह से उनके सहयोगियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के पूर्व कर्मी चंद्रनाथ रथ की “एकमात्र गलती” यह थी कि वे उनके निजी सहायक थे। उन्होंने कहा, 'अगर मैं भवानीपुर से चुनाव नहीं जीतता और रथ मेरे साथ काम नहीं करते, तो शायद उनकी जान नहीं जाती।' अधिकारी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
चांदीपुर में हुआ अंतिम संस्कार
चंद्रनाथ रथ के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव चांदीपुर, पूर्वी मेदिनीपुर ले जाया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस हत्याकांड को लेकर भाजपा लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रही है और बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है।