Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > देश

अधीक्षक और ड्राइवर की 28 फरवरी तक बढ़ी रिमांड, CBI को अन्य आरोपियों की तलाश

अधीक्षक और ड्राइवर की 28 फरवरी तक बढ़ी रिमांड, CBI को अन्य आरोपियों की तलाश

अधीक्षक और ड्राइवर की 28 फरवरी तक बढ़ी रिमांड cbi को अन्य आरोपियों की तलाश

CGST Bribery Scam : रायपुर। सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) के अधीक्षक भरत सिंह और उनके ड्राइवर विनय राय को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के मामले में सीबीआई की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। सोमवार को दोनों आरोपियों को विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच में कुछ और लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इन व्यक्तियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है और इसके आधार पर सीबीआई ने न्यायिक रिमांड बढ़ाने की अपील की, जिसे विशेष न्यायाधीश ने स्वीकार कर दोनों आरोपियों की रिमांड 28 फरवरी तक बढ़ा दी है।

इस मामले की शुरुआत 31 जनवरी को हुई, जब सीबीआई ने वीआईपी रोड के पास ड्राइवर विनय राय को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। विनय राय से मिली जानकारी के बाद सीबीआई ने सीजीएसटी दफ्तर पर दबिश दी और वहां अधीक्षक भरत सिंह को भी गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि एक व्यक्ति ने रिश्वत के लेन-देन में मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी, जिसकी तलाश सीबीआई की टीम कर रही है।

ये है पूरा मामला 

सीबीआई के अनुसार, सेंट्रल जीएसटी की टीम ने 28 और 29 जनवरी को दुर्ग के स्टेशन रोड स्थित मेसर्स वर्ल्ड ऑफ ब्यूटी में छापेमारी की थी। इस दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर संचालक लालचंद अठवानी से 34 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। इसके बाद एक व्यक्ति ने इस मामले को रफादफा कराने के लिए मध्यस्थता की थी। सीबीआई को इस लेन-देन की सूचना मिली, जिसके बाद 31 जनवरी को सीबीआई ने अपने जाल बिछाकर ड्राइवर विनय राय को रंगे हाथों पकड़ लिया। विनय राय की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भरत सिंह को भी गिरफ्तार किया।

पूछताछ के दौरान कुछ और व्यक्तियों और एक मध्यस्थ का नाम सामने आया है। सीबीआई अब इन व्यक्तियों की तलाश कर रही है और यह मामला जांच के तहत है। इस केस में सीबीआई ने न केवल रिश्वत लेने वाले अधिकारियों को पकड़ा है, बल्कि यह भी साबित किया है कि कुछ लोग सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार फैलाने के लिए सक्रिय थे।


Related to this topic: