CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार पास प्रतिशत गिरा है जबकि प्रयागराज में सबसे ज्यादा कंपार्टमेंट केस सामने आए हैं। लड़कियों ने फिर बेहतर प्रदर्शन किया।
सीबीएसई ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। लाखों छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर के जरिए अपनी मार्कशीट देख सकते हैं। इस बार कुल पास प्रतिशत 85.20% दर्ज हुआ है। पिछले साल की तुलना में इस बार रिजल्ट में गिरावट देखने को मिली है। 2025 में पास प्रतिशत 88.39% था, जबकि इस बार यह करीब तीन फीसदी कम रहा। ऐसे में कई छात्रों और स्कूलों के लिए यह आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
रिजल्ट के साथ सबसे ज्यादा चर्चा कंपार्टमेंट आंकड़ों को लेकर हो रही है। प्रयागराज रीजन में सबसे अधिक 16.76% छात्रों की कंपार्टमेंट आई है। वहीं लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन कर बढ़त कायम रखी है।
इस बार कितने छात्र हुए पास
CBSE के मुताबिक 17,80,365 छात्रों ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 17,68,968 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। कुल 15,07,109 छात्र पास घोषित किए गए हैं। पास प्रतिशत में आई गिरावट सीधे तौर पर छात्रों और स्कूलों के प्रदर्शन पर असर डालती दिख रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में सख्ती बरती है, जिसका असर रिजल्ट पर दिखाई दे रहा है।
प्रयागराज में सबसे ज्यादा कंपार्टमेंट ने बढ़ाई चिंता
देशभर में 1,63,800 छात्रों को कंपार्टमेंट मिला है। इनमें प्रयागराज रीजन सबसे ऊपर रहा। यहां 16.76% छात्रों को कंपार्टमेंट का सामना करना पड़ा। दिल्ली ईस्ट में 12.57%, पंचकूला में 12.30% और बेंगलुरु में 12.14% कंपार्टमेंट दर्ज किए गए। दूसरी तरफ तिरुवनंतपुरम का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा, जहां यह आंकड़ा सिर्फ 3.38% रहा। इन आंकड़ों ने अलग-अलग क्षेत्रों की शिक्षा गुणवत्ता और परीक्षा तैयारी पर नई बहस शुरू कर दी है। कई राज्यों में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रदर्शन की तुलना भी चर्चा में है।
केंद्रीय विद्यालयों ने फिर दिखाया दम
स्कूल कैटेगरी के आंकड़ों में केंद्रीय विद्यालय सबसे आगे रहे। यहां 98.55% छात्र पास हुए। जवाहर नवोदय विद्यालय का रिजल्ट भी 98.47% रहा। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 89.55% दर्ज किया गया। वहीं स्वतंत्र विद्यालयों में यह आंकड़ा 84.22% रहा। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग इसे सरकारी संस्थानों के मजबूत अकादमिक ढांचे से जोड़कर देख रहे हैं। एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों का प्रदर्शन भी ध्यान खींचने वाला रहा। यहां 85.55% छात्र सफल हुए हैं।
मेरिट लिस्ट नहीं आएगी, फिर भी मिलेगा सम्मान
CBSE ने लगातार दूसरे साल टॉपर्स लिस्ट जारी नहीं करने का फैसला लिया है। बोर्ड का कहना है कि इससे छात्रों पर अनावश्यक प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव बढ़ता है। हालांकि जिन छात्रों ने अपने विषयों में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए हैं, उनमें टॉप 0.1% विद्यार्थियों को मेरिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। बोर्ड इसे प्रदर्शन को सम्मान देने और रैंकिंग संस्कृति से दूरी बनाने की कोशिश मान रहा है।
वेबसाइट स्लो होने पर ऐसे देखें रिजल्ट
रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक बढ़ गया। ऐसे में कई छात्रों को साइट खुलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। छात्र cbseresults.nic.in और cbse.gov.in के अलावा DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए भी अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए स्कूलों को पहले से 6 अंकों का सिक्योरिटी पिन जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
बोर्ड के नियमों के मुताबिक हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। तभी छात्र को पास माना जाएगा।