भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए दूसरी सूची जारी की। महाराष्ट्र से रामदास अठावले और विनोद तावड़े समेत 4 नाम घोषित। अब तक 13 उम्मीदवारों का ऐलान, 16 मार्च को मतदान।
नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में 4 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं, और इसके साथ ही अब तक पार्टी कुल 13 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। महाराष्ट्र पर इस बार खास नजर है, क्योंकि वहीं से दो बड़े नाम सामने आए हैं।
दूसरी लिस्ट में कौन-कौन?
भाजपा की ताजा सूची में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, महाराष्ट्र भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े, माया चिंतामन इवनाते और रामराव वडकुते को उम्मीदवार बनाया गया है। राजनीतिक गलियारों में अठावले का नाम पहले से चर्चा में था।
पहली लिस्ट 3 मार्च को आई थी
इससे एक दिन पहले भाजपा ने पहली सूची जारी की थी। उसमें 6 राज्यों से 9 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए थे। अब 7 राज्यों से कुल 13 नामों का ऐलान हो चुका है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार से राज्यसभा भेजा जाएगा। वहीं बिहार से शिवेश कुमार का भी नाम शामिल है। छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन, हरियाणा से संजय भाटिया, ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है।
16 मार्च को 37 सीटों पर मतदान
चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीख घोषित की थी। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना भी कर ली जाएगी। इन 37 सीटों में 12 फिलहाल एनडीए के पास हैं, जबकि 25 सीटों पर विपक्ष का कब्जा है। इसलिए यह चुनाव सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सबसे ज्यादा 7 सीटें महाराष्ट्र में हैं। तमिलनाडु की 6 और पश्चिम बंगाल व बिहार की 5-5 सीटों पर चुनाव होना है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है। राज्यसभा का कार्यकाल छह साल का होता है, और जो सदस्य इस बार चुने जाएंगे उनका कार्यकाल 2032 तक रहेगा।
बड़े नाम जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा
महाराष्ट्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, तमिलनाडु से कणिमोझी और तिरुचि शिवा, साथ ही राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह चुनाव कई दिग्गजों की राजनीतिक वापसी या विदाई का रास्ता तय करेगा। साफ है, राज्यसभा की ये जंग सिर्फ संख्या की नहीं, संदेश की भी है। 16 मार्च का दिन सियासी नजरिए से बेहद अहम रहने वाला है।