पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया। अमित शाह ने 45 दिनों में DA भुगतान और महिलाओं, किसानों व युवाओं के लिए बड़ी योजनाओं का वादा किया।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ‘भरोसे का पत्र’ नाम देते हुए राज्य के हर वर्ग के विकास का रोडमैप बताया।
घोषणापत्र में क्या है खास
भाजपा के इस संकल्प पत्र में महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए विशेष योजनाओं पर फोकस किया गया है। पार्टी का दावा है कि यह दस्तावेज राज्य में विकास और रोजगार को नई दिशा देगा। अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल वर्तमान में कई चुनौतियों से गुजर रहा है और यह घोषणापत्र उस स्थिति से बाहर निकलने का मार्ग प्रस्तुत करता है।
कर्मचारियों के लिए बड़ा वादा
घोषणापत्र में राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा वादा महंगाई भत्ते (DA) को लेकर किया गया है। भाजपा ने सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर सभी लंबित डीए बकाए का भुगतान करने की घोषणा की है। यह वादा राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से कर्मचारी संगठन इसकी मांग कर रहे हैं।
महिलाओं और युवाओं पर विशेष फोकस
भाजपा ने महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और आर्थिक सहायता पर जोर देने की बात कही है। वहीं, युवाओं के लिए रोजगार और मासिक सहायता योजनाओं पर भी प्रस्ताव शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि उद्देश्य राज्य में बेरोजगारी को कम करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाना है।
कृषि और विकास पर रणनीति
घोषणापत्र में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की योजना भी शामिल है। किसानों को नई तकनीक और आर्थिक सहायता के माध्यम से सशक्त बनाने का दावा किया गया है। इसके साथ ही राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की बात भी कही गई है।
बीजेपी की चुनावी रणनीति
कोलकाता दौरे से पहले अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि राज्य में परिवर्तन की लहर है। उन्होंने टीएमसी शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल अब बदलाव चाहता है। भाजपा ने इस घोषणापत्र को आगामी चुनाव के लिए अपनी प्रमुख राजनीतिक रणनीति के रूप में पेश किया है।