बीजेपी में दूसरे दलों से आए नेताओं की बड़ी लिस्ट, जो मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम बने। हिमंता बिस्वा सरमा, पेमा खांडू और अर्जुन मुंडा जैसे नेताओं की राजनीतिक यात्रा।
नई दिल्ली। बिहार में दूसरी पार्टी से सफर कर बीजेपी में आए सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया है। इतना खास पद मिलने के बाद इसको लेकर राजनीतिक हलचल के बीच एक बार फिर एक चर्चा तेज हो गई है। इसके अनुसार, भाजपा में दूसरे दलों से आए नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जाती रही है। कई ऐसे नेता हैं, जिन्होंने कांग्रेस, जेडीयू, जेएमएम और अन्य दलों से शुरुआत की। फिर बाद में बीजेपी में शामिल होकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जैसे शीर्ष पदों तक पहुंच बनाए।
असम: हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक उदय
सबसे पहले बात करें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा इसका बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत कांग्रेस से की थी और तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी रहे। 2015 में वे बीजेपी में शामिल हुए और 2016 में पार्टी की सरकार बनने के बाद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। 2021 में उन्हें असम का मुख्यमंत्री बनाया गया। वर्तमान में बीजेपी 2026 चुनाव भी उनके नेतृत्व में लड़ रही है।
अरुणाचल प्रदेश: पेमा खांडू की लंबी राजनीतिक यात्रा
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी अपनी शुरुआत कांग्रेस से की थी। 2016 में वे बीजेपी में शामिल हुए और उसी वर्ष मुख्यमंत्री बने। इतना ही नहीं 2019 और 2024 में भी बीजेपी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। वे अब राज्य में पार्टी के सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक माने जाते हैं।
मणिपुर: एन बीरेन सिंह और युमनाम खेमचंद सिंह
मणिपुर के एन बीरेन सिंह ने भी कांग्रेस से राजनीतिक शुरुआत की थी। बाद में बीजेपी में शामिल हुए। 2017 में उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि 2025 में राजनीतिक परिस्थितियों के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद युमनाम खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया, जो पहले अन्य क्षेत्रीय दलों से जुड़े रहे थे और बाद में बीजेपी में आए।
त्रिपुरा: माणिक साहा का उदय
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। 2016 में वे बीजेपी में शामिल हुए। 2022 में उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद 2023 के चुनाव में जीत के बाद वे फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। इससे पहले विप्लव देव भी बीजेपी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
कर्नाटक: बसवराज बोम्मई का कार्यकाल
कर्नाटक में बीजेपी की सरकार के दौरान बसवराज बोम्मई को 2021 में मुख्यमंत्री बनाया गया था। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा जनता दल से शुरू की थी। बाद में बीजेपी में शामिल होकर मंत्री बने। हालांकि 2023 में बीजेपी सत्ता में वापसी नहीं कर सकी।
झारखंड: अर्जुन मुंडा का सफर
अर्जुन मुंडा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से जुड़े रहे और बाद में 2000 में बीजेपी में शामिल हुए। वे तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बने और बाद में केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे।
उत्तर प्रदेश: बृजेश पाठक का राजनीतिक बदलाव
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कांग्रेस से शुरुआत की और बाद में बहुजन समाज पार्टी (BSP) में भी रहे। 2017 में वे बीजेपी में शामिल हुए और लखनऊ से विधायक बने। 2022 में उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
राजनीतिक रणनीति और संगठन विस्तार
बीजेपी की रणनीति में अन्य दलों से आए अनुभवी नेताओं को शामिल कर उन्हें संगठन और सरकार में अहम भूमिका देना एक प्रमुख पैटर्न रहा है। इससे पार्टी को क्षेत्रीय अनुभव और मजबूत नेतृत्व दोनों मिला है।