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BJP’s New Election Strategy for Women in Bengal

बंगाल में महिलाओं के लिए BJP की नई चुनावी रणनीति: सिर्फ नकद मदद नहीं, सुरक्षा और रोजगार पर जोर

भाजपा बंगाल चुनाव में महिलाओं को जोड़ने के लिए नकद मदद, सुरक्षा और रोजगार पर जोर दे रही है। लक्ष्मी भंडार से अलग यह रणनीति महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित है।


बंगाल में महिलाओं के लिए bjp की नई चुनावी रणनीति सिर्फ नकद मदद नहीं सुरक्षा और रोजगार पर जोर

बंगाल की महिला वोटरों को भाजपा से जोड़ने के लिए जो नई रणनीति बनाई गई है, वह बिहार की नकदी मदद वाली रणनीति से पूरी तरह अलग और खास है। पिछले चुनावों के नतीजों के बाद कहा गया था कि ममता बनर्जी की बंगाल में जीत की प्रमुख वजह महिलाओं का समर्थन रहा है। लक्ष्मी भंडार जैसी प्रति माह महिलाओं को नकदी मदद देने वाली योजनाएं अब देश के कई राज्यों में शुरू हो चुकी हैं। बिहार में तो एकमुश्त 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद महिलाओं को मिली थी। बंगाल के 2026 के चुनाव में भाजपा इससे एक कदम आगे निकलने की कोशिश कर रही है।

भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि उनकी पार्टी केवल नकद सहायता के वादे तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि महिला सुरक्षा, रोजगार और समग्र विकास को चुनावी मुद्दा बनाएगी। भाजपा नेताओं के अनुसार महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल और स्थायी आय के अवसर ही वास्तविक सशक्तीकरण का आधार बन सकते हैं। इस रणनीति का संकेत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परगना के रायदीघी में आयोजित एक जनसभा में दिया। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा की सरकार बनने पर महिलाओं के लिए सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर बनाए जाएंगे।

एक अलग राजनीतिक संदेश देने की कोशिश

भाजपा की यह रणनीति तृणमूल की नकद सहायता आधारित राजनीति के मुकाबले एक अलग राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है। पार्टी महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त नागरिक के रूप में पेश करने की रणनीति बना रही है। बंगाल में महिला मतदाताओं को लेकर सियासी प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। एक तरफ लक्ष्मी भंडार के जरिए आर्थिक सहायता का मॉडल है, तो दूसरी तरफ भाजपा महिला सुरक्षा, रोजगार और समग्र सशक्तीकरण को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है। यह देखना अहम होगा कि महिलाओं के बीच किस रणनीति को ज्यादा समर्थन मिलता है।

केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं

भाजपा नेताओं का तर्क है कि केवल आर्थिक सहायता देने से महिलाओं की स्थिति स्थायी रूप से मजबूत नहीं होती। इसलिए पार्टी महिलाओं को प्रशिक्षण, छोटे उद्योग, स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर जोर दे रही है। भाजपा इसे महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।पार्टी के कई नेता संकेत दे चुके हैं कि सत्ता में आने पर लक्ष्मी भंडार योजना को बंद नहीं किया जाएगा। बल्कि इसके साथ ऐसे कार्यक्रम जोड़े जाएंगे, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाएंगे। भाजपा का कहना है कि 5,700 करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाया जाएगा। इसका उपयोग महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, कौशल विकास कार्यक्रम चलाने, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए किया जाएगा।

महिला सुरक्षा मुद्दा

बंगाल में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन चुका है। पिछले वर्ष आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे राज्य में विरोध की आग भड़काई थी। इस मामले में जांच और न्याय प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में सवाल उठे। पूरे राज्य में डॉक्टरों तथा नागरिक समाज ने बड़ा आंदोलन किया। भाजपा इसे चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है। परिवर्तन यात्रा के दौरान नेताओं के भाषणों में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो ऐसे अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

 

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