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लोकसभा-राज्यसभा की मंजूरी के बाद पीएम-सीएम से जुड़े प्रावधान वाले तीन बिल जेपीसी को सौंपे; शीतक

लोकसभा-राज्यसभा की मंजूरी के बाद पीएम-सीएम से जुड़े प्रावधान वाले तीन बिल जेपीसी को सौंपे; शीतकालीन सत्र में पेश होगी रिपोर्ट

लोकसभा-राज्यसभा की मंजूरी के बाद पीएम-सीएम से जुड़े प्रावधान वाले तीन बिल जेपीसी को सौंपे शीतकालीन सत्र में पेश होगी रिपोर्ट

Monsoon Session: राज्यसभा ने गुरुवार को तीन अहम विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर दिया। इनमें सबसे बड़ा प्रावधान यह है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर 30 दिन से ज्यादा जेल में रहता है, तो उसे पद से हटाया जा सकेगा।

इन विधेयकों में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। इन्हें बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया था। लोकसभा ने भी इन विधेयकों को जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव पास कर दिया था।

अब कुल 31 सदस्यों वाली यह समिति जिसमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा से होंगे इन विधेयकों का गहराई से अध्ययन करेगी। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह संसद के शीतकालीन सत्र में अपनी रिपोर्ट पेश करे।

पहले विपक्ष इन विधेयकों का विरोध कर रहा था। विपक्षी दलों का कहना था कि यह बिल असंवैधानिक है और सरकार इसका राजनीतिक इस्तेमाल कर सकती है। लेकिन अब विपक्ष ने जेपीसी में शामिल होने का फैसला कर लिया है। उम्मीद है कि आज ही समिति में शामिल सदस्यों के नामों का ऐलान हो जाएगा।

राज्यसभा में जब यह प्रस्ताव पेश किया गया, उस समय विपक्ष बिहार की वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण को लेकर हंगामा कर रहा था। हंगामे के बावजूद सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

सरकार का कहना है कि इन विधेयकों से लोकतंत्र और जवाबदेही मजबूत होगी, जबकि विपक्ष का आरोप है कि इन्हें विरोधियों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अब सबकी निगाहें जेपीसी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इन विधेयकों का भविष्य तय होगा।

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