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EC Action Before Bengal Polls Sparks Row

बंगाल वोटिंग से पहले बड़ा एक्शन: IPS विवाद के बीच चुनाव आयोग सख्त, BDO सस्पेंड

बंगाल में वोटिंग से पहले IPS अजय पाल शर्मा विवाद मामले पर चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। फलता के BDO को सस्पेंड किया गया। इस एक्शन के चलते चुनावी माहौल और गरमा गया है।


बंगाल वोटिंग से पहले बड़ा एक्शन ips विवाद के बीच चुनाव आयोग सख्त bdo सस्पेंड

west bengal Assembly Election News |

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले चुनावी माहौल अचानक गरम हो गया। चुनाव आयोग ने फलता सीट से जुड़े एक मामले में सख्त कदम उठाया।  IPS अजय पाल शर्मा और TMC उम्मीदवार जहांगीर खान विवाद के बीच आयोग ने फलता के BDO को सस्पेंड कर दिया। यह फैसला मतदान से ठीक पहले आया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

दरअसल, 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोटिंग होनी है। ऐसे समय में यह कार्रवाई चुनाव की निष्पक्षता और प्रशासनिक भूमिका पर सीधा असर डालती दिख रही है।

वीडियो से शुरू हुआ विवाद कैसे बढ़ा मामला

जानकारी अनुसार, 27 अप्रैल को चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक के रूप में तैनात अजय पाल शर्मा केंद्रीय बलों के साथ फलता पहुंचे। उन्हें शिकायत मिली थी कि मतदाताओं को डराया जा रहा है। छापेमारी के दौरान एक वीडियो सामने आया। जिसमें वे सख्त लहजे में चेतावनी देते दिखे। यही वीडियो विवाद की जड़ बना और राजनीतिक रंग ले गया।

TMC का पलटवार, बयानबाजी से बढ़ी गर्मी

टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया। उन्होंने सीधे तौर पर IPS अधिकारी पर सवाल उठाए और खुद को टारगेट किए जाने का आरोप लगाया। बयानबाजी में फिल्मी अंदाज भी दिखा, जिससे मामला और सुर्खियों में आ गया। इस विवाद में अखिलेश यादव ने भी एंट्री ली और अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए।

चुनाव आयोग के एक्शन की BDO पर गिरी गाज

मामले के तूल पकड़ने के बाद चुनाव आयोग ने जांच की। इसमें स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे। आयोग ने फलता के BDO को सस्पेंड कर दिया। यह साफ संकेत है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस फैसले को प्रशासनिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

कौन हैं अजय पाल शर्मा?

बता दें कि अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं और फिलहाल प्रयागराज में तैनात हैं। उनकी पहचान सख्त और आक्रामक पुलिसिंग के लिए रही है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के चलते उन्हें 'सिंघम' की छवि भी मिली। बंगाल में उनकी तैनाती के बाद से ही उनकी कार्यशैली चर्चा में है। ताजा घटना के बाद अब यह विवाद चुनावी बहस का हिस्सा बन चुका है।

वोटिंग से पहले बढ़ा तनाव

फलता सीट समेत 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। ऐसे में यह विवाद सीधे चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। एक तरफ आयोग सख्ती दिखा रहा है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक दल इसे अपने-अपने तरीके से पेश कर रहे हैं। मतदाताओं के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस माहौल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कितना सुनिश्चित हो पाएगा।

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