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डीग में पिछले 5 महीने से चल रही खुदाई, महाभारत और गुप्त काल से जुड़े कई अहम सबूत मिले

डीग में पिछले 5 महीने से चल रही खुदाई, महाभारत और गुप्त काल से जुड़े कई अहम सबूत मिले

डीग में पिछले 5 महीने से चल रही खुदाई महाभारत और गुप्त काल से जुड़े कई अहम सबूत मिले

राजस्थान के डीग में इन दिनों भारतीय पुरातत्व विभाग सर्वे कर रहा है। हाल ही में वहां करीब 3500 साल पुरानी सभ्यता के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा यहां एक पुरानी नदी चैनल के भी साक्ष्य मिले हैं। अब डीग गांव में ASI की खुदाई में एक नरकंकाल मिला है, जिसके करीब 1700 साल पुराना होने का दावा किया गया है। गुप्त काल के इस नरकंकाल को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) भेजा गया है।

भारतीय इतिहास का मिल सकता है अहम चैप्टर

दरअसल, डीग के बहज गांव में खुदाई जनवरी 2024 से शुरू हुई थी। यहां ज़मीन के 23 मीटर नीचे एक नदी का बहुत पुराना और गहरा सूखा रास्ता जिसे पैलियो-चैनल कह सकते हैं मिला है। जिसे वैज्ञानिकों ने पौराणिक सरस्वती नदी का चैनल का माना है। यह वही सरस्वती नदी हो सकती है, जिसका ज़िक्र हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ ऋग्वेद में मिलता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसी नदी के किनारे किनारे यह सभ्यता बसी थी, जो लगभग 4500 वर्ष पुरानी हो सकती है। डीग में हो रही यह खुदाई न सिर्फ राजस्थान के लिए बल्कि भारत के लिए भी अहम मानी जा रही है। 

पांच युग की सभ्यताओं के सबूत

डीआईजी की खुदाई में अब तक करीब पांच युग की सभ्यताओं के सबूत मिल चुके हैं जिसमें हड़प्पा सभ्यता के अलावा महाभारत काल, मौर्य काल, कुषाण काल और गुप्त काल शामिल हैं। यहां खुदाई के दौरान बर्तन और हवन कुंड मिले हैं जो महाभारत काल के बताए जा रहे हैं। 

खुदाई के दौरान मिली ये चीजें

डीग की खुदाई में मिट्टी के बने बर्तन, ब्राह्मी लिपि की सबसे पुरानी मुहरें और तांबे के सिक्के मिले हैं। इसके अलावा 15 से ज़्यादा यज्ञ कुंड (हवन कुंड), भगवान शिव और पार्वती की मूर्तियां मिली हैं। हड्डी से बने औजार जैसे सुई, कंघे और सांचे भी मिले हैं। यह नहीं इस खुदाई में एक नर कंकाल भी मिला है जिसे हजारों साल पुराना बताया जा रहा है।