Indias Got Latent controversy : रणवीर इलाहाबादिया और इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद में शामिल अन्य लोगों ने 'बोलने से पहले सोचने' का वादा किया है। यह जानकारी एनसीडब्ल्यू द्वारा दी गई है। रणवीर इलाहाबादिया उस समय कॉन्ट्रोवर्सी में आ गए थे जब उन्होंने एक शो में भद्दा कमेंट किया था। भद्दा कमेंट करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल था।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा, "चारों लोग कल (6 मार्च 2024) आयोग के सामने पेश हुए। शो में उन्होंने जिस तरह की अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया, वह बिल्कुल अशोभनीय है। आयोग इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। ऐसी भाषा का इस्तेमाल न तो लोगों को स्वीकार्य है और न ही आयोग को। मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं। इसके सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, NCW ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और हमने उन्हें नोटिस जारी किया।
इसके अनुसार, वे कल आयोग के सामने पेश हुए...जब वे कल आए, तो उन्होंने शो में अपने शब्दों पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और उनसे गलती हुई है...उन सभी ने आयोग के सामने माफ़ी मांगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में ऐसी कोई गलती नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने शब्दों का ध्यान रखेंगे जिससे किसी को ठेस न पहुंचे। वे बोलने से पहले सोचेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा उन्होंने पहली और आखिरी बार किया है। रणवीर इलाहाबादिया और अन्य ने कहा कि उन्होंने जो कहा है, उसे वापस नहीं लिया जा सकता, लेकिन वे शो में अपने शब्दों का ध्यान रखने की कोशिश करेंगे और महिलाओं के सम्मान की बात करेंगे।"
ये है पूरा मामला
दरअसल, इंडियाज गॉट लैटेंट शो में यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया ने एक कंटेस्टेंट को कहा था कि, 'क्या आप अपने माता - पिता को संभोग (sex) करते देखना चाहेंगे या एक बार इसमें शामिल होकर इसे हमेशा के लिए बंद कर देंगे।' इस कमेंट के बाद रणवीर इलाहाबादिया का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
इस कमेंट को लेकर यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपूर्व मखीजा, कॉमेडियन समय रैना और शो इंडियाज गॉट लैटेंट के आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। शो में कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर मुंबई कमिश्नर और महाराष्ट्र महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है और पत्र में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। मुंबई के अलावा गुवाहाटी और इंदौर में भी शिकायत दर्ज की गई थी।