Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के महज दो मिनट बाद ही क्रैश हो गया। तेज धमाके के साथ प्लेन नीचे गिरा और आग की लपटों में घिर गया।
इस विमान में सवार 242 यात्रिओं की मौत हो गई है। जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल है। विमान हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है।
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद सिविल अस्पताल में अपनों की तलाश में पहुंचे लोगों की आंखों में चिंता और बेचैनी साफ झलक रही थी। घटना के बाद अस्पताल और घटनास्थल के पास अफरा-तफरी मच गई। कई लोग सड़कों अपनों के लिए रोते-बिलखते दिखाई दिए।
लोगों ने बताया क्या हुआ उस समय
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि वह घर के अंदर था, तभी अचानक जोर की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलते ही उसने देखा कि आसमान में धुआं भर गया है और आसपास आग की लपटें थी। जब वह मौके पर पहुंचा, तो वहां प्लेन के टुकड़े और कई लोगों के शव दिखाई दिए।
एक महिला ने बताया कि उसका बेटा उसी इलाके के हॉस्टल में रहता है। हादसे के वक्त वह वहां खाना खाने गया था। जान बचाने के लिए उसे हॉस्टल की ऊपरी मंजिल से कूदना पड़ा, जिससे उसे कुछ चोटें आई, लेकिन वह सुरक्षित है।
एक और चश्मदीद ने बताया कि उसका ऑफिस दुर्घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर है। हादसे के बाद पूरे इलाके में धुआं भर गया और कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था। जब वे लोग वहां पहुंचे तो चारों तरफ मलबा और तबाही का मंजर था।
अस्पताल के बाहर मातम का माहौल
सिविल अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारवालों की खबर लेने के लिए जमा हो गए। कई लोग रोते-बिलखते हुए अपने करीबी को ढूंढ रहे थे। एक शख्स तो अधिकारियों से गिड़गिड़ाते हुए अंदर जाने की इजाजत मांगता रहा, क्योंकि उसके परिजन उसी विमान में सवार थे।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसकी बहन और जीजा उस फ्लाइट से लंदन जाने वाले थे। उनकी बेटी ने फोन करके बताया कि उनके माता-पिता उसी विमान में थे। ये सुनते ही वह भागते हुए अस्पताल पहुंचा, लेकिन उन्हें अब तक सही जानकारी नहीं मिल पाई है।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
अहमदाबाद विमान हादसे ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक जताया और कहा कि वे इससे स्तब्ध और बेहद दुखी है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और बताया कि वे लगातार मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में है ताकि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद मिल सके।