AAP के तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में नेताओं ने पार्टी जॉइन की। इस घटनाक्रम से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
नई दिल्ली स्थित राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। यह राजनीतिक घटनाक्रम दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में सामने आया। जहां तीनों सांसदों ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
बीजेपी मुख्यालय में हुआ औपचारिक स्वागत
तीनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी मुख्यालय में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें मिठाई खिलाकर पार्टी में शामिल किया और उनका स्वागत किया। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। साथ ही इसे एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा में बड़ा बदलाव
जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। यह बदलाव पार्टी के संसदीय गणित पर भी असर डाल सकता है। सांसदों ने दावा किया है कि संविधान के प्रावधानों के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई है और सभी दस्तावेज राज्यसभा सभापति को सौंप दिए गए हैं।
पार्टी छोड़ने वाले सांसदों के बयान
पार्टी छोड़ने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने ही फायदे के लिए काम कर रही है। चड्ढा ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, मुझे यह महसूस होने लगा है कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं. आज, मैं आप से अलग होने और जनता के साथ अधिक निकटता से काम करने के अपने निर्णय की घोषणा करता हूं।
वहीं, दूसरे सांसद संदीप पाठक ने भी कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी में काम किया। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह निर्णय लेना पड़ा।
केजरीवाल की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक विश्वास और जनादेश से जुड़ा मुद्दा है और इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ धोखा किया।
राजनीतिक असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में बड़ा असर डाल सकता है। राज्यसभा में शक्ति संतुलन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।