बिहार SIR रिपोर्ट मुद्दे पर विधानसभा से लेकर राज्यसभा तक चल रहे हंगामे के बीच चुनाव आयोग द्वारा बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के पहले चरण की रिपोर्ट जारी कर दी गई है।
23 जुलाई 2025 तक सामने आए तथ्यों के अनुसार, चुनाव आयोग ने 98.01% मतदाताओं को कवर कर लिया है और 7.17 करोड़ फॉर्म (90.89%) प्राप्त कर उन्हें डिजिटाइज किया गया है।
प्रेस नोट के मुताबिक, इस प्रक्रिया में कई अहम तथ्य भी सामने आए हैं:
- 20 लाख मृतक मतदाता सूची में दर्ज पाए गए
- 28 लाख मतदाता ऐसे हैं जो स्थायी रूप से राज्य से पलायन कर चुके हैं
- 7 लाख लोगों के नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए
- 1 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनका अब तक कोई अता-पता नहीं चला है
- 15 लाख मतदाताओं ने अब तक अपना फॉर्म वापस नहीं किया है
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान के अनुसार, ये आंकड़े 1.5 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की मदद से एकत्रित किए गए हैं, जिन्हें सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों ने नामित किया था।

प्रक्रिया की जानकारी:
बाहर रहने वाले या अस्थायी रूप से दूसरे राज्य में रह रहे बिहार के मतदाता निम्नलिखित तरीकों से फॉर्म भर सकते हैं:
ड्राफ्ट मतदाता सूची 1 अगस्त को होगी जारी
1 अगस्त 2025 को SIR के पहले चरण के पूर्ण होने पर Draft Electoral Roll जारी किया जाएगा। यदि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो मतदाता या राजनीतिक दल 1 सितंबर 2025 तक आपत्ति या दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन eligible मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है, वे भी 1 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।