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रणवीर सिंह को FWICE से मिली बड़ी राहत

रणवीर सिंह को बड़ी राहत, FWICE ने वापस लिया नॉन-कोऑपरेशन आदेश; अशोक पंडित बोले- बैन कभी था ही नहीं

FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव वापस ले लिया है। अशोक पंडित ने साफ किया कि एक्टर पर कभी बैन नहीं लगाया गया था। जानिए पूरा मामला।


रणवीर सिंह को बड़ी राहत fwice ने वापस लिया नॉन-कोऑपरेशन आदेश अशोक पंडित बोले- बैन कभी था ही नहीं

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को बड़ा राहत भरा फैसला मिला है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने उनके खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (NCD) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के हस्तक्षेप और अपील के बाद लिया गया।  FWICE ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जारी बयान में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सहयोग, सौहार्द और एकता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसी वजह से विवाद को बातचीत और आपसी समझ के जरिए सुलझाने का फैसला किया गया।

अशोक पंडित ने कहा- रणवीर सिंह पर कोई बैन नहीं था

FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि संगठन ने कभी भी रणवीर सिंह पर बैन नहीं लगाया था।  उन्होंने कहा कि कई रिपोर्ट्स में इस मामले को "बैन" के रूप में पेश किया गया, जबकि वास्तविकता अलग थी। उनके मुताबिक FWICE के पास किसी कलाकार या तकनीशियन को बैन करने का अधिकार नहीं है। संगठन केवल नॉन-कोऑपरेशन यानी सहयोग न करने का निर्णय ले सकता है अशोक पंडित ने कहा कि यह हर तकनीशियन, वर्कर, निर्माता और कलाकार का लोकतांत्रिक अधिकार है कि वह किसी व्यक्ति के साथ काम करना चाहता है या नहीं।

25 मई को जारी हुआ था नॉन-कोऑपरेशन आदेश

दरअसल, 25 मई 2026 को FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। इसके तहत संगठन ने अपने सभी सदस्यों से अपील की थी कि वे रणवीर सिंह से जुड़े किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करें। इस फैसले ने फिल्म इंडस्ट्री में काफी चर्चा पैदा कर दी थी। कई लोगों ने इसे रणवीर सिंह के करियर के लिए बड़ा झटका माना था, क्योंकि FWICE के अंतर्गत बड़ी संख्या में तकनीशियन और फिल्म कर्मी जुड़े हुए हैं।

डॉन 3 से जुड़ा है पूरा विवाद

यह विवाद कथित तौर पर फिल्म Don 3 से रणवीर सिंह के बाहर होने के बाद शुरू हुआ था। फिल्म का निर्माण Excel Entertainment कर रही है, रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं और शूटिंग शुरू होने में केवल तीन सप्ताह का समय बचा था। इसी दौरान रणवीर सिंह के प्रोजेक्ट छोड़ने की खबर सामने आई। दावा किया गया कि इससे निर्माताओं को आर्थिक नुकसान हुआ और मेकर्स की ओर से 45 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग भी की गई।

लीगल नोटिस की खबर से बढ़ी थी चर्चा

यही मामला तब और सुर्खियों में आ गया जब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणवीर सिंह ने FWICE को लीगल नोटिस भेजा है। हालांकि नोटिस में क्या मांगें रखी गई थीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई। अब FWICE द्वारा नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव वापस लेने के बाद माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। 

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