72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में कार्तिक आर्यन और यामी गौतम को बेस्ट एक्टर एक्ट्रेस, अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, राष्ट्रपति ने कलाकारों से हानिकारक प्रचार न करने की अपील की।
मनोरंजन। गुजरात के एकता नगर में मंगलवार को 72वें नेशनल फिल्म अवार्ड की भव्य सेरेमनी हुई। इसमें बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के कई सितारों को सम्मानित किया गया। कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन और मलयालम अभिनेता ममूटी को ब्रह्मयुगम के लिए संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। वहीं, बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब यामी गौतम के नाम रहा। उनको आर्टिकल 370 में बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए चुना गया। इन पुरस्कारों की घोषणा पहले ही 18 जुलाई को कर दी गई थी।
अनंत नाग को मिला सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान
केजीएफ फेम अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया। कन्नड़, तेलुगु और हिंदी सिनेमा में तीन सौ से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके अनंत नाग ने अवॉर्ड लेते हुए भावुक अंदाज में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि बचपन के बारह साल एक आश्रम में गुजारे और बाद में मुंबई भेजे जाने पर चैतन्य महाप्रभु नाटक से एक्टिंग की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि उस दौर में करियर जैसी कोई सोच नहीं थी। पेट पालने के लिए ही रंगमंच से जुड़ना पड़ा और पांच साल में पचास नाटक कर डाले।
राष्ट्रपति की स्टार्स से खास अपील
समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म जगत की हस्तियों से अहम अपील की है। उन्होंने कहा कि हर जूरी पैनल में महिलाओं कगी भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने लोकप्रिय कलाकारों से आग्रह किया कि वे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों का प्रचार करने से बचें। इन प्रोडक्ट का असर युवाओं पर बहुत गहरा पड़ता है। राष्ट्रपति ने कहा कि असली सितारा वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।
श्रीकांत और आर्टिकल 370 को बड़े अवॉर्ड
फिल्म श्रीकांत को बेस्ट हिंदी फिल्म का खिताब मिला। वहीं, आर्टिकल 370 ने बेस्ट फीचर फिल्म की ट्रॉफी अपने नाम की है। तमिल सुपरस्टार धनुष को इस बारदो अलग-अलग श्रेणियों में नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया।
कार्तिक आर्यन का भावुक पल
अवॉर्ड जीतने के बाद कार्तिक आर्यन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पल बेहद इमोशनल है और वे पूरे परिवार के साथ इस लम्हे को जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अनरियल फीलिंग है। इसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।
72 साल में सात से 45 अवॉर्ड तक का सफर
साल 1954 में जब नेशनल फिल्म अवॉर्ड की शुरुआत हुई थी। तब सिर्फ 7 कैटेगरी में पुरुस्कार दिए जाते थे। बहत्तर साल के इस सफर में अब यह आंकड़ा 45 से तक पहुंच गया है। इसमें 26 फीचर फिल्म, सोलह नॉन फीचर फिल्म, दो सिनेमा लेखन और एक दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड शामिल हैं।
प्राइज मनी में भी हुआ बड़ा इजाफा
शुरुआती दौर में विजेताओं को सिर्फ गोल्ड मेडल और मेरिट सर्टिफिकेट से संतोष करना पड़ता था। 1957 में पहली बार नकद इनाम की शुरुआत हुई. जब निर्देशकों को पांच हजार और निर्माताओं को 20 हजार रुपये मिले ते। 1975 में बेस्ट एक्टर और एक्ट्रेस को पहली बार 10000 रुपये का पुरस्कार मिला। यह अब बढ़कर 300000 रुपये तक पहुंच चुका है। वहीं, 1969 से शुरू हुआ दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, इसकी शुरुआती राशि 11000 रुपये थी। अब 1000000 लाख रुपये की हो गई है।