माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘Michael’ ने भारत में पहले वीकेंड में ही 16 करोड़ कमा लिए। लिमिटेड स्क्रीन्स और बिना हिंदी रिलीज के बावजूद फिल्म ने सबको चौंका दिया। क्या बनेगी बड़ी हिट?
पॉप के किंग माइकल जैक्शन की बायोपिक ‘Michael’ ने भारत में उम्मीद से ज्यादा तेज शुरुआत की है। फिल्म ने पहले ही वीकेंड में करीब 16 करोड़ रुपये कमा लिए। खास बात यह है कि फिल्म को लिमिटेड स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया और इसे हिंदी या किसी रीजनल भाषा में डब भी नहीं किया गया। इसके बावजूद थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ दिख रही है।
रिलीज से पहले ही पेड प्रीव्यू से मजबूत शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने अब बॉक्स ऑफिस पर बड़ा संकेत दे दिया है। हॉलीवुड कंटेंट के लिए इंडिया में नया स्पेस बन रहा है।
लिमिटेड स्क्रीन्स पर भी इतनी कमाई कैसे?
‘माइकल’ को भारत में करीब 1000 स्क्रीन्स ही मिलीं, जो किसी बड़ी फिल्म के मुकाबले काफी कम हैं। फिर भी वीकेंड पर 3000 से ज्यादा शोज में फिल्म ने लगातार ग्रोथ दिखाई। इसका मतलब साफ है कि जहां भी फिल्म लगी, वहां ऑडियंस पहुंची।
क्या इंग्लिश फिल्म के लिए बदला ट्रेंड?
भारत में आमतौर पर हॉलीवुड फिल्में हिंदी डबिंग के सहारे बड़े कलेक्शन करती हैं। लेकिन ‘माइकल’ सिर्फ इंग्लिश में रिलीज हुई और फिर भी कमाई मजबूत रही। यह ट्रेंड इंडिकेट करता है कि अर्बन ऑडियंस अब ओरिजिनल लैंग्वेज कंटेंट को ज्यादा स्वीकार कर रही है।
बॉक्स ऑफिस नंबर क्या कहते हैं?
प्रीव्यू शोज से फिल्म ने करीब 1.7 करोड़ कमाए। फ्राइडे को 3.7 करोड़, सैटरडे को 5 करोड़ और संडे को 5.5 करोड़ की कमाई हुई। लगातार बढ़ते कलेक्शन ने फिल्म को वीकेंड विनर बना दिया।
क्या वर्ड ऑफ माउथ बना गेम चेंजर?
फिल्म को लेकर सोशल मीडिया और ऑडियंस रिव्यू काफी पॉजिटिव हैं। यही वजह है कि हर दिन कलेक्शन में उछाल आया। ट्रेड एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर यही ट्रेंड वर्किंग डेज में जारी रहा, तो फिल्म लंबी रेस में आगे निकल सकती है।
बॉलीवुड के लिए क्या संकेत?
इस समय कई हिंदी फिल्में बड़ी स्क्रीन्स और ज्यादा शोज के बावजूद संघर्ष कर रही हैं। ऐसे में ‘माइकल’ का परफॉर्मेंस एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या कंटेंट अब स्टार पावर से बड़ा हो गया है? और क्या हॉलीवुड फिल्में इंडिया में नया मार्केट कब्जा कर रही हैं?