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UPSC Exams and Training

UPSC पास करने के बाद कहां होती है IAS-IPS की ट्रेनिंग? सिर्फ मसूरी ही नहीं, इन जगहों पर भी मिलती है ट्रेनिंग

क्या UPSC की ट्रेनिंग सिर्फ मसूरी में होती है? जानिए अधिकारियों को कहां और क्या सिखाया जाता है....


upsc पास करने के बाद कहां होती है ias-ips की ट्रेनिंग सिर्फ मसूरी ही नहीं इन जगहों पर भी मिलती है ट्रेनिंग

UPSC का पेपर देश के सबसे कठिन पेपर में से एक माना जाता है। इस पेपर को किलर करने के बाद कैंडिडेट सीधे एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारियां नहीं संभालते, बल्कि उन्हें एक लंबी ट्रेनिंग चलती है। 

अक्सर लोगों को लगता है कि IAS और IPS ऑफिसर की पूरी ट्रेनिंग केवल मसूरी में होती है, लेकिन वास्तविकता इससे थोड़ी अलग है। शुरुआत में सभी सेवाओं के अधिकारी एक साथ ट्रेनिंग लेते हैं, उसके बाद हर सेवा के अनुसार अलग-अलग अकादमियों में विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

सबसे पहले होता है फाउंडेशन कोर्स

UPSC में चयनित सभी कैंडिडेट सबसे पहले मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन में फाउंडेशन कोर्स करते हैं। यह कोर्स करीब 3 से 4 महीने तक चलता है। इस दौरान अधिकारियों को प्रशासन की बुनियादी समझ, संविधान, पॉलिसी मेकिंग, लीडरशिप स्किल और टीमवर्क के बारे में सिखाया जाता है। इस चरण में IAS, IPS, IFS समेत कई सेवाओं के अधिकारी एक साथ ट्रेनिंग लेते हैं, जिससे उन्हें सरकारी सिस्टम को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलता है।

IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग

फाउंडेशन कोर्स पूरा होने के बाद IAS अधिकारियों की मुख्य ट्रेनिंग फिर से मसूरी में ही होती है। इस दौरान उन्हें जिला प्रशासन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों का अनुभव कराया जाता है। जिलों में फील्ड ट्रेनिंग के दौरान वे सीनियर अधिकारियों के साथ काम करके प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझते हैं।

IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग

IPS अधिकारियों की विशेष ट्रेनिंग हैदराबाद की नेशनल पुलिस अकादमी में कराई जाती है। यहां उन्हें पुलिसिंग, क्राइम इन्वेस्टिगेशन, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, साइबर क्राइम और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े विषयों की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके साथ ही IPS ट्रेनिंग में फिजिकल फिटनेस पर भी खास ध्यान दिया जाता है। ड्रिल, हथियार चलाने की ट्रेनिंग, घुड़सवारी और कड़ी शारीरिक एक्सरसाइज इसके अहम हिस्से होते हैं।

अन्य सेवाओं के लिए अलग संस्थान

UPSC के माध्यम से चुनी जाने वाली अन्य सेवाओं के अधिकारियों को भी उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार अलग-अलग संस्थानों में ट्रेनिंग दी जाती है। विदेश सेवा के अधिकारियों को दिल्ली में कूटनीतिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि वन सेवा के अधिकारियों को देहरादून की फॉरेस्ट एकेडमी में पर्यावरण और वन प्रबंधन से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है।

क्यों अलग होती है ट्रेनिंग

हर सेवा की जिम्मेदारियां अलग होती हैं। IAS अधिकारियों का मुख्य काम प्रशासन और विकास योजनाओं को लागू करना होता है, जबकि IPS अधिकारियों की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराध नियंत्रण करना होती है। यही कारण है कि दोनों सेवाओं की ट्रेनिंग का स्वरूप भी अलग-अलग होता है।

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