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  • NEET मामले में CBI ने दो और अरेस्ट किए: इनमें एक डॉक्टर, अब तक 13 लोग गिरफ्तार
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NEET Leak CBI Action

NEET पेपर लीक की साजिश और गहरी, डॉक्टर-टीचर की गिरफ्तारी के बाद 5 राज्यों तक पहुंचा नेटवर्क

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने डॉक्टर और फिजिक्स टीचर समेत दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में अब 5 राज्यों तक फैले बड़े नेटवर्क और पैसों के लेनदेन के सुराग मिले हैं।


neet पेपर लीक की साजिश और गहरी डॉक्टर-टीचर की गिरफ्तारी के बाद 5 राज्यों तक पहुंचा नेटवर्क

CBI Action in NEET Paper Leak |

NEET पेपर लीक मामले की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। वैसे ही पूरे नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। बुधवार को CBI ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक डॉक्टर और दूसरा कोचिंग सेंटर में पढ़ाने वाला फिजिक्स टीचर शामिल है। अब तक इस मामले में कुल 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार डॉक्टर मनोज शिरूरे ने तीन छात्रों तक केमिस्ट्री का लीक पेपर पहुंचाया था। इनमें एक आरोपी कोचिंग संचालक का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है। वहीं, पुणे के कोचिंग सेंटर से जुड़े तेजस हर्षदकुमार शाह पर फिजिक्स के लीक सवाल छात्रों तक पहुंचाने का आरोप है।

CBI को शक है कि यह मामला सिर्फ कुछ छात्रों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी अब पूरे देश में फैले उस नेटवर्क को खंगाल रही है जिसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

महाराष्ट्र बना पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र

सीबीआई जांच में सामने आया है कि NEET का लीक पेपर कम से कम पांच राज्यों में बेचा गया था। सबसे ज्यादा गतिविधियां महाराष्ट्र में मिली हैं, जबकि राजस्थान दूसरे नंबर पर है। एजेंसी को ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि महाराष्ट्र में पेपर प्रिंट कर दूसरे राज्यों तक पहुंचाया गया। जांच में ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए छात्रों को सवाल उपलब्ध कराने की जानकारी भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, नेटवर्क इतना बड़ा था कि अभी तक एजेंसी यह तय नहीं कर पाई है कि आखिर कितने छात्रों ने पैसे देकर पेपर खरीदा था।

डॉक्टर, टीचर और कोचिंग कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

जांच में जिस तरह डॉक्टर, कोचिंग संचालक और टीचर्स के नाम सामने आ रहे हैं। उसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CBI के अनुसार, आरोपी डॉक्टर मनोज शिरूरे ने पीवी कुलकर्णी से पेपर हासिल कर छात्रों तक पहुंचाया था। वहीं, तेजस शाह को लीक हुआ फिजिक्स पेपर आरोपी मनीषा हवलदार से मिला था। दोनों आरोपियों के जरिए छात्रों तक सवाल पहुंचाने की साजिश रची गई। इस पूरे मामले ने कोचिंग इंडस्ट्री और परीक्षा तैयारी के नाम पर चल रहे नेटवर्क की भूमिका पर भी बहस तेज कर दी है।

अब पैसों के लेनदेन पर फोकस

सीबीआई अब उन पेरेंट्स और छात्रों की पहचान करने में जुटी है जिनके खातों से आरोपियों तक पैसे पहुंचे। एजेंसी बैंक ट्रांजैक्शन की पूरी चेन खंगाल रही है। शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और पुणे की मनीषा वाघमारे के खातों में हुए ट्रांसफर की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और राज्यों में छापेमारी हो सकती है। जांच एजेंसी ने अब तक 49 जगहों पर रेड कर दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। डिजिटल सबूतों की जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र अब भी असमंजस में

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। करीब 23 लाख छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे। 7 मई को गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने लगीं, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। आखिरकार 12 मई को परीक्षा रद्द करनी पड़ी और री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। इस बीच NTA ने फीस रिफंड के लिए पोर्टल खोला है। उम्मीदवार 27 मई रात 11:50 बजे तक बैंक डिटेल जमा कर सकते हैं। हालांकि लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच अब भी असमंजस और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।

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