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AI-Proof Career Degrees After 12th

AI से मुकाबला करने वाली डिग्री चुनें: 12वीं के बाद स्ट्रीम चुनते समय अपनाएं ये 3 स्मार्ट फॉर्मूले

AI के बढ़ते दौर में क्या आप भी करियर को लेकर परेशान हैं और 12वीं के बाद समझ में नहीं आ रहा कि कौन सी डिग्री करनी चाहिए, जो AI का मुकाबला कर सके? तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।


ai से मुकाबला करने वाली डिग्री चुनें 12वीं के बाद स्ट्रीम चुनते समय अपनाएं ये 3 स्मार्ट फॉर्मूले

12वीं पास करने के बाद छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आगे कौन-सी पढ़ाई की जाए, जिससे AI के जमाने में भी अच्छी नौकरी मिल सके। AI से पहले लंबे समय तक इंजीनियरिंग, मेडिकल और सीए जैसे करियर को सबसे सुरक्षित माना जाता रहा है। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने अब करियर चुनने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।

आज के दौर में केवल डिग्री लेना ही काफी नहीं है। अब कंपनियां यह भी देखती हैं कि आपके पास कौन-सी नई स्किल्स हैं और आप टेक्नोलॉजी के साथ कितना तालमेल बिठा सकते हैं। इसलिए 12वीं के बाद स्ट्रीम चुनते समय भविष्य की जरूरतों को समझना बहुत जरूरी हो गया है।

अब खत्म हो रही हैं स्ट्रीम की दीवारें

पहले ऐसा माना जाता था कि आर्ट्स के छात्र टेक्नोलॉजी से दूर रहते हैं और साइंस के छात्रों का रुझान केवल तकनीकी क्षेत्र में होता है। लेकिन एआई के दौर में यह फर्क धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। आज “हाइब्रिड स्किल्स” की मांग बढ़ रही है, यानी एक से ज्यादा क्षेत्रों की जानकारी होना जरूरी है। तकनीक, क्रिएटिविटी और डेटा का मेल ही आने वाले समय के करियर की दिशा तय करेगा।

अलग-अलग स्ट्रीम के छात्रों को क्या सीखना चाहिए

साइंस के छात्र
सिर्फ प्रोग्रामिंग सीखना अब पर्याप्त नहीं है। AI खुद कई तरह का कोड तैयार कर सकता है। इसलिए छात्रों को एआई प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिसिस जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान देना चाहिए।

कॉमर्स के छात्र
कॉमर्स के स्टूडेंट के लिए अकाउंटिंग के साथ-साथ फिनटेक, डिजिटल फाइनेंस और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की समझ होना जरूरी है। आने वाले समय में वित्तीय क्षेत्र में इन स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ सकती है।

आर्ट्स के छात्र
आर्ट्स के स्टूडेंट के लिए पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल डिजाइन और मीडिया से जुड़े छात्रों को AI टूल्स का इस्तेमाल सीखना चाहिए। इंसानों की क्रिएटिव सोच ही वह चीज है जो मशीनों से अलग पहचान बनाती है।

किन नौकरियों पर बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे काम, जिनमें बार-बार एक ही तरह की प्रक्रिया दोहरानी पड़ती है, उन्हें एआई जल्दी प्रभावित कर सकता है। जैसे—

  • बेसिक डेटा एंट्री

  • स्टार्टिंग लेवल की कोडिंग

  • नॉर्मल कंटेंट राइटिंग

  • नॉर्मल अकाउंटिंग कार्य

कौन-से क्षेत्र भविष्य में रहेंगे मजबूत

कुछ ऐसे प्रोफेशन हैं, जिनमें इंसान की सोच-समझ और भावनात्मक जुड़ाव की जरूरत होती है। इन क्षेत्रों में इंसानों की भूमिका अभी भी सबसे अहम है।

  • साइकोलॉजी

  • हेल्थकेयर और नर्सिंग

  • मैनेजमेंट

  • कानून

  • क्रिएटिव आर्ट्स

12वीं के बाद इन क्षेत्रों में भी मिल सकते हैं अच्छे मौके-

साइबर सिक्योरिटी: डिजिटल दुनिया जितनी तेजी से बढ़ रही है, साइबर हमलों का खतरा भी उतना ही बढ़ रहा है। इसलिए यह क्षेत्र लंबे समय तक महत्वपूर्ण रहेगा।

हेल्थकेयर और वेलनेस: तकनीक इलाज में मदद कर सकती है, लेकिन मरीज की देखभाल और भावनात्मक समर्थन इंसान ही दे सकता है।

एआई एथिक्स और कानून: एआई के सही उपयोग और उसके नियम तय करने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत बढ़ेगी।

डिग्री से ज्यादा जरूरी होंगी स्किल्स

करियर विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में “नई चीजें जल्दी सीखने की क्षमता” सबसे बड़ी ताकत होगी। इसलिए केवल डिग्री पर निर्भर रहने के बजाय नई स्किल्स विकसित करना जरूरी है। साथ ही कम्युनिकेशन स्किल, टीमवर्क और समस्या सुलझाने की क्षमता जैसी सॉफ्ट स्किल्स भी भविष्य के करियर में अहम भूमिका निभाएंगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एआई के कारण आने वाले समय में करीब 8.5 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही लगभग 9.7 करोड़ नए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। इसलिए जरूरी है कि छात्र समय के साथ खुद को अपडेट करते रहें।

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