जाइडस और ल्यूपिन ने भारत में सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन लॉन्च करने के लिए साझेदारी की है। यह दवा टाइप-2 डायबिटीज और वजन घटाने में मददगार मानी जाती है।
जाइडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड और ल्यूपिन लिमिटेड ने मिलकर भारत में सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन को उपलब्ध कराने के लिए एक अहम समझौता किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य देश में टाइप-2 डायबिटीज और वजन नियंत्रण के लिए आधुनिक उपचार को मार्केट करना है। सेमाग्लूटाइड एक ऐसी दवा है, जिसका उपयोग उन वयस्क मरीजों के इलाज में किया जाता है, जिनका टाइप-2 डायबिटीज पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाता।
क्या है सेमाग्लूटाइड और कैसे करता है काम
इसे आमतौर पर डाइट और एक्सरसाइज के साथ दिया जाता है और कुछ मामलों में इसे अकेले भी इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर जब मेटफॉर्मिन उपयुक्त न हो। इसके अलावा, यह अन्य डायबिटीज दवाओं के साथ भी उपयोगी साबित होती है। इसके साथ ही, यह दवा वजन कम करने में भी बेहद मददगार है। जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स 30 या उससे अधिक है या 27 से ज्यादा होने के साथ-साथ उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं हैं, उनके लिए यह इंजेक्शन उपयोगी माना जाता है।
यह कम कैलोरी वाले आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ मिलकर बेहतर परिणाम देता है और लंबे समय तक वजन नियंत्रण में सहायक होता है। इस समझौते के तहत ल्यूपिन को भारत में इस इंजेक्शन को मार्केट करने के लिए सेमी-एक्सक्लूसिव अधिकार दिए गए हैं। ल्यूपिन इसे ‘सेमानेक्स्ट’ और ‘लिवराइज’ नाम से बाजार में उतारेगी, जबकि जाइडस इसे ‘सेमाग्लिन’, ‘माशेमा’ और ‘अल्टरमे’ ब्रांड नामों के साथ पेश करेगी।
वजन घटाने में भी प्रभावी
खास बात यह है कि जाइडस इस दवा को उपयोग में आसान री-यूजेबल पेन डिवाइस के जरिए उपलब्ध कराएगी, जिससे मरीजों के लिए इसे लेना अधिक सरल और सुविधाजनक हो जाएगा। इस साझेदारी में ल्यूपिन, जाइडस को शुरुआती लाइसेंस फीस के साथ-साथ तय लक्ष्यों को हासिल करने पर अतिरिक्त भुगतान भी करेगी।
जाइडस के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शर्विल पटेल ने कहा कि यह नई तकनीक मरीजों के इलाज को आसान बनाएगी और उनकी जीवन गुणवत्ता को बेहतर करेगी। वहीं, ल्यूपिन के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश गुप्ता ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो देश में आधुनिक इलाज की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।