InvIT यानी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट निवेशकों को हाईवे, बिजली और अन्य आधारभूत परियोजनाओं में निवेश का मौका देता है। इससे नियमित आय और 7-10% तक संभावित रिटर्न मिल सकता है।
ज्ञानेश पाठक
रीट और इनचिट दोनों नए जमाने के निवेश साधन है। रीट उन निवेशकों के लिए फायदा का सौदा है जिन्हें रियल एस्टेट सेक्टर पर भरोसा है। इनविट उन निवेशकों को लाभ कमाने का मौका देता है जो देश की आधारभूत संरचना में पैसा लगाना चाहते हैं।दोनों तरह की परिसंपतियों में कई बातें समान है। ट्रस्ट की आय का 90 प्रतिशत निवेशकों को मिलता है। छोटी राशि से भी निवेश संभव है। सामान्य निवेशक भी उन योजनाओं में पैसा लगा सकते हैं, जहां बड़ी कंपनियां लगाती है। दोनों तरह के ट्रस्ट पर बाजार नियामक सेबी कड़ी नजर रखता है।सामान्यतः 8-9 प्रतिशत का लाभ की उम्मीद आप रख सकते हैं। पूंजीगत लाभ अलग है। साल 2025-26 में निफ्टी 50 जैसे सूचकांक की तुलना में इस परिसंपत्ति वर्ग ने दोगुना लाभ दिया है। रीट पर पिछले अंक में बताया गया था। आज मुख्य रूप से इनविट के बारे में जानेंगे।
भारत के बुनियादी ढाँचे में निवेश करने और नियमित आय प्राप्त करने के लिए इनविट एक आधुनिक और बेहतरीन माध्यम बनकर उभरा है। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, यह बाजार अब काफी परिपक्व हो चुका है। इनविट को सरल भाषा में समझना निवेश की दुनिया में एक 'पूल' की तरह है। अगर आप शेयर बाजार और रियल एस्टेट के बीच का कुछ ढूंढ रहे हैं, तो यह आपके लिए एक दिलचस्प विकल्प हो सकता है। यह म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है, लेकिन यहाँ आपका पैसा शेयरों में नहीं, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्वर प्रोजेक्ट्स (जैसे हाईवे, बिजली की लाइनें, वेयरहाउस आदि) में लगाया जाता है।
यह कैसे काम करता है? मान लीजिए एक कंपनी ने टोल रोड बनाई है। उस रोड से जो टोल टैक्स इकट्ठा होगा, वह पैसा इनविट के निवेशकों में बांट दिया जाता है।
जोखिम
ब्याज दर यदि बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो इनविट की मांग और उनकी कीमतों में गिरावट आ सकती है। संचालन जोखिम यदि टोल रोड पर ट्रैफिक कम हो जाए या बिजली की मांग घट जाए, तो वितरण कम हो सकता है।नियामक बदलाव सरकार या सेबी के नियमों में बदलाव इनके मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। लिक्विडिटी - हालांकि ये एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं, लेकिन शेयरों की तुलना में इनमें ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो सकता है, जिससे बेचने में समय लग सकता है।
सलाह
2026 में निवेश करते समय उन इनविट्स पर ध्यान दें जिनका एसेट पोर्टफोलियो 'सरकारी गारंटी' वाले प्रोजेक्ट्स (जैसे एनएचएआई या पॉवर ग्रिड) से जुड़ा है, क्योंकि इनमें जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है। मार्च 2026 की वर्तमान स्थिति और पिछले एक साल के प्रदर्शन के आधार पर, 'सबसे बेहतर इनविट का चयन आपके निवेश के उद्देश्य (नियमित आय या लंबी अवधि की वृद्धि) पर निर्भर करता है।
वर्तमान में बाजार के शीर्ष इनविट
1. पॉवरग्रिड इनफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट यह वर्तमान में सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक माना जाता है। इसका स्वामित्व और संचालन 'पावरग्रिड' (सरकारी महारत्न कंपनी) के पास है। इसके प्रोजेक्ट्स बिजली पारेषण से जुड़े हैं, जहाँ आय बहुत स्थिर होती है।
रिटर्न - यह लगभग 8 से 9 प्रतिशत की स्थिर डिविडेंड यील्ड प्रदान कर रहा है। यह उन निवेशकों के लिए अच्छा है, जो बहुत कम जोखिम और बैंक एफडी से बेहतर नियमित आय चाहते हैं।
इंडीग्रिड इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट- यह भारत का पहला और सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर का इनविट है।
क्यों बेहतर है: यह सौर ऊर्जा और पावर ट्रांसमिशन दोनों में निवेश करता है। इसका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है और यह समय पर भुगतान के लिए जाना जाता है।
रिटन इसकी वितरण दर अक्सर PGInvIT से थोड़ी अधिक रहती है, जो 9-10 फीसदी के करीब हो सकती है।
किनके लिए: उन निवेशकों के लिए जो थोडी अधिक आय चाहते हैं और निजी प्रबंधन पर भरोसा कर सकते हैं।
निवेशकों को इसमें क्यों निवेश करना चाहिए?
इनविट में निवेश करने का मुख्य आकर्षण आकर्षण हैं- हैं नियमित आय सेबी के नियम के अनुसार, इनविट को अपनी शुद्ध नकदी का 90 प्रतिशत हिस्सा निवेशकों को को लाभांश या या ब्याज के रूप में बांटना अनिवार्य है। कम ऑखिम वाली संपति: इसमें पैसा उन प्रोजेक्ट्स में लगा होता है जो पहले से बनकर तैयार हैं और कमाई कर रहे हैं। महंगाई से बचाव जैसे-जैसे समय के साथ टोल टैक्स या बिजली की दरें बढ़ती है. आपकी कमाई भी बढ़ सकती है। तरलता। आप इन्हें शेयर बाजार पर शेयरों की तरह कभी भी खरीद या बेच सकते हैं।
इसमें जोखिम क्या हैं
कोई भी निवेश जोखिम मुक्त नहीं होता। इनविट के साथ ये बातें ध्यान में रखें ब्याज दरों का असरः अगर बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो इनविट का आकर्षण थोड़ा कम हो जाता है। प्रोजेक्ट का जोखिमः अगर किसी हाईवे पर ट्रैफिक कम हो जाए या बिजली की मांग घट जाए, तो आपकी आय कम हो सकती है। नियामक बदलाव: सरकार के नियमों या टैक्स कानूनों में बदलाव का असर इसके रिटर्न पर पड़ सकता है।
कौन से इनविट ठीक हैं
भारत में कुछ प्रमुख और विश्वसनीय इनविट मौजूद हैं। निवेश करने से पहले उनकी ट्रैक रिकॉर्ड और रेटिंग जरूर देखें। हमेशा उन इनविट को प्राथमिकता दें जिनका पोर्टफोलियों बड़ा हो और जो सरकारी या मजबूत कॉर्पोरेट घरानों से जुड़े हों। पूंजी जुटानाः यह ट्रस्ट निवेशकों (रिटेल और संस्थागत) से पैसा जुटाता है इस पैसे से यह पूर्ण हो चुके और आय देने वाले प्रोजेक्ट्स की खरीदता है। इसके बाद इन प्रोजेक्ट्स से होने वाली कमाई (जैसे टोल या बिजली बिल) को डिविडेंड' या ' ब्याज' के रूप में निवेशकों को बांट दिया जाता है। नियम बाजार नियामक सेबी के नियमानुसार, इनविट को अपनी शुद्ध नकदी का 90 प्रतिशत हिस्सा निवेशकों को बांटना अनिवार्य है।
कैसा रहा है प्रतिफल
इनविट का प्रतिफल दो तरह से
मिलता है- डिविडेंड/ब्याज और यूनिट की कीमत में वृद्धि. 2025 में निफ्टी रीट्स और इनविट्स इंडेक्स ने लगभग 25.48 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया, जिसने निफ्टी 50
(11.88 फीसदी) को पीछे छोड़ दिया। यील्ड सामान्यतः ये सालाना 7 प्रतिशत से 9 फीसदी तक की नकद यील्ड ( नियमित आय) प्रदान करते हैं। ब्याज दरों में आरबीआई द्वारा की गई कटौती (5.25 प्रतिशत तक) से इनके प्रतिफल में काफी मजबूती देखी गई।
पोर्टफोलियो में कितना हिस्सा होना चाहिए
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, एक संतुलित पोर्टफोलियों में इनविट का स्थान 'एसेट एलोकेशन' पर निर्भर करता है.
सामान्य निवेशकः अपने कुल निवेश का 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत हिस्सा इनविट में रख सकते हैं।
सेवानिवृत्त निवेशक जो एक निश्चित आय चाहते हैं, वे इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। इसे फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी के विकल्प के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें जोखिम थोड़ा अधिक लेकिन प्रतिफल बेहतर होता है।
नेशनल हाईवेज इन्फ्रा ट्रस्ट
सड़क और परिवहन क्षेत्र में यह सबसे मजबूत सरकारी विकल्प है
क्यों बेहतर हैः इसे एनएचएआई द्वारा प्रमोट किया गया है। 2025-26 में भारत में सड़क बुनियादी ढांचे के विस्तार और टोल संग्रह में वृद्धि का सीधा लाभ इसे मिल रहा है।इनका इनविट का नया आईपीओ भी चर्चा में है, जो एनएचएआई द्वारा समर्थित है और नए निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता है।रोटऔर इनविट दोनों ही निवेश के बेहतरीन विकल्य हैं, लेकिन 'कौन बेहतर है' यह इस पर निर्भर करता है कि आप कहाँ पैसा लगाना चाहते हैं: रीयल एस्टेट में या देश के आधारभूत ढांचे में।इनविट आमतौर पर रीट की तुलना में थोड़ा अधिक डिविडेंड 8 10 प्रतिशत) देते हैं।
लंबी अवधि का अनुबंधः पावर ग्रिड या हाईवे के प्रोजेक्ट्स 20-30 साल के फिक्स्ड कॉन्ट्रैक्ट पर होते हैं, जिससे आय स्थिर रहती है। सेक्टर ग्रोथ - आप भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर (गति शक्ति योजना आदि) की प्रगति का लाभ उठाना चाहते हैं।रीट आपके लिए बेहतर है, यदि पूंजी वृद्धि रियल एस्टेट की कीमतों में समय के साथ बढ़ोतरी होने की संभावना अधिक होती है, जिससे आपकी यूनिट की कीमत बढ़ सकती है। शहरों का विकास आप बेंगलुरु, मुंबई या दिल्ली जैसे शहरों के 'प्राइम ऑफिस स्पेस के मालिक बनना चाहते हैं।कम उतार-चढ़ावः ऑफिस रेंट आमतौर पर लंबे समय के लिए होते हैं, जिससे आय में स्थिरता रहती है।
सीधा मुकाबलाः मार्च 2026 की स्थिति
रिटर्न-पिछले 2 सालों में इनविट्स ने कैश फ्लो के मामले में बाजी मारी है, लेकिन रीट्स ने उन निवेशकों को ज्यादा फायदा दिया है जो अपनी यूनिट्स को बेचकर मुनाफा कमाना चाहते थे (क्योंकि ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ी है)
टैक्सेशनः दोनों पर टैक्स के नियम लगभग समान हैं, लेकिन रिटर्न के कुछ हिस्से पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है, जो इनविट में थोड़ा ज्यादा स्पष्ट होता है। रिटायरमेंट या मंथली इनकम के लिएः इनविट बेहतर है क्योंकि इसकी यीला' ज्यादा होती है। यह बैंक एफडी का एक तगड़ा विकल्प है।
पूंजी निर्माण के लिएः रीट बेहतर है क्योंकि इसमें किराये के साथ-साथ जमीन, बिल्डिंग की कीमत बढ़ने का दोहरा फायदा मिलता है। किसी एक को चुनने के बजाय, अपने पोर्टफोलियो को 60 प्रतिशत इनविट और 40 प्रतिशत रीट में बांटना सबसे समझदारी भरा फैसला हो सकता है। इससे आपको 'इंफ्रा' की स्थिरता और 'रियल एस्टेट' की ग्रोथ दोनों मिलेंगी।