14 मार्च शनिवार को BSE और NSE पर मॉक ट्रेडिंग सेशन होगा। यह असली ट्रेडिंग नहीं बल्कि सिस्टम टेस्टिंग के लिए आयोजित किया जा रहा है। जानिए पूरा शेड्यूल और कारण।
नई दिल्ली। आम तौर पर शनिवार और रविवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहते हैं, लेकिन इस बार थोड़ा अलग होने वाला है। 14 मार्च, शनिवार को भी बाजार में हलचल दिखेगी। बाजार से जुड़े कई लोगों के लिए यह दिन अहम माना जा रहा है।
दरअसल, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इस दिन एक मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित करने का फैसला किया है। यानी इस दिन ट्रेडिंग होगी, लेकिन यह असली लेन-देन नहीं बल्कि सिस्टम की टेस्टिंग के लिए होगी। इससे एक्सचेंज की तकनीकी तैयारियों को परखा जाएगा।
क्या है मॉक ट्रेडिंग सेशन
एक्सचेंजों की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक शनिवार को होने वाला यह सेशन पूरी तरह टेस्टिंग और सिस्टम चेक के लिए रखा गया है। इस दौरान ट्रेडिंग मेंबर, ब्रोकरेज फर्म और टेक्नोलॉजी पार्टनर अपने प्लेटफॉर्म और एप्लिकेशन को अलग-अलग परिस्थितियों में टेस्ट कर सकेंगे। इसमें, रिस्क रिडक्शन मोड, ट्रेडिंग हॉल्ट और मार्केट की असामान्य स्थिति शामिल हैं। सरल भाषा में कहें तो यह एक तरह की ट्रायल रन होगी, ताकि किसी बड़ी तकनीकी समस्या की स्थिति में सिस्टम कैसे काम करेगा, यह पहले से देखा जा सके।
इन सेगमेंट्स में होगा मॉक ट्रेडिंग
शनिवार को कई मार्केट सेगमेंट में यह अभ्यास किया जाएगा, जिनमें इक्विटी सेगमेंट,इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट शामिल हैं। इन सभी सेगमेंट में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की क्षमता और स्थिरता को परखा जाएगा।
PR और DR साइट पर होगी ट्रेडिंग
इस मॉक सेशन में ट्रेडिंग दो चरणों में होगी। प्राइमरी साइट (PR) में लॉग इन सुबह 09:15 से 09:45 बजे। फिर ट्रेडिंग सुबह 10:15 से दोपहर 1 बजे तक। दूसरा सेशन डिजास्टर रिकवरी साइट (DR) के रूप में होगी। इसमें स्विचिंग दोपहर 1 बजे से 1:45 बजे तक। ट्रेडिंग: 2 बजे से शाम 4 बजे तक। अंत में मार्केट क्लोजिंग 4 से 4:10 बजे के बीच होगी।
ट्रेडिंग होगी, लेकिन असली सौदा नहीं
यहां एक बात साफ कर दी गई है कि इस मॉक ट्रेडिंग सेशन में होने वाले सौदों का कोई वित्तीय असर नहीं होगा। न तो इसमें मार्जिन की बाध्यता होगी और न ही पे-इन या पे-आउट लागू होगा। यानी ट्रेडिंग होगी, लेकिन वह केवल सिस्टम टेस्टिंग के लिए मानी जाएगी।
ब्रोकरेज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए अहम मौका
एक्सचेंजों का कहना है कि इस सेशन के दौरान एम्पेनल्ड वेंडर्स के थर्ड-पार्टी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और API आधारित सिस्टम का उपयोग करने वाले सदस्य अपने प्लेटफॉर्म को अच्छी तरह टेस्ट कर सकते हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तरह के अभ्यास से एक्सचेंज की तकनीकी मजबूती और आपात स्थिति में तैयारी का पता चलता है।