ईरान युद्ध के बीच सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट। चांदी अपने हाई से करीब 1.60 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है, जबकि सोने के भाव भी टूटे हैं। जानिए गिरावट की बड़ी वजहें और आगे का अनुमान।
मिडिल ईस्ट में युद्ध का माहौल है। इसके चलते दुनिया भर के बाजार तनाव में हैं। शेयर बाजारों में गिरावट का दौर चल रहा है। ऐसे समय में आम तौर पर निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले एसेट यानी सोना और चांदी की तरफ भागते हैं। लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग दिख रही है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जहां निवेशकों को कीमती धातुओं में उछाल की उम्मीद थी। वहीं, चांदी और सोना दोनों के भाव उल्टा गिरते नजर आ रहे हैं। खासकर चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने बाजार को हैरान कर दिया है। सिर्फ करीब दो हफ्तों में चांदी 23 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है और अगर इसके ऑल टाइम हाई से तुलना करें, तो करीब 1.60 लाख रुपये प्रति किलो की गिरावट सामने आती है।
16 दिन में चांदी ₹23,000 से ज्यादा टूटी
कमोडिटी मार्केट के आंकड़े बताते हैं कि 27 फरवरी के आसपास जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ना शुरू हुआ, उससे पहले चांदी अपने ऊंचे स्तर के करीब कारोबार कर रही थी। एमसीएक्स (MCX) पर 28 फरवरी को चांदी का वायदा भाव करीब 2,82,644 रुपये प्रति किलो था। इसके बाद लगातार दबाव बना और बीते शुक्रवार को यह गिरकर करीब 2,59,279 रुपये प्रति किलो पर आ गया।
युद्ध की शुरुआत के बाद लगभग 10 कारोबारी दिनों में चांदी करीब 23,365 रुपये सस्ती हो चुकी है। कमोडिटी बाजार के जानकार मानते हैं कि इतनी तेज गिरावट कम समय में कम ही देखने को मिलती है, इसलिए निवेशकों की नजर अब अगले ट्रेंड पर टिकी हुई है।
हाई से तुलना करें तो चांदी बेहद सस्ती
अगर चांदी के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो गिरावट और ज्यादा चौंकाने वाली लगती है। 29 जनवरी को एमसीएक्स पर चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार किया था। उस दिन इसका ऑल टाइम हाई करीब 4,20,048 रुपये प्रति किलो दर्ज हुआ था। अब मौजूदा भाव की तुलना करें तो चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 1,60,769 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।
कमोडिटी ट्रेडर्स का कहना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद बाजार में दो तरह की राय बन रही है। कुछ लोग इसे खरीदारी का मौका मान रहे हैं, जबकि कुछ अभी भी सतर्क हैं।
सोने में भी आई गिरावट
चांदी ही नहीं, सोने के भाव भी इस दौरान दबाव में रहे हैं। एमसीएक्स पर 27 फरवरी को 24 कैरेट सोने का भाव 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम था। बीते शुक्रवार को यह घटकर करीब 1,58,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यानी युद्ध के बीच सोना करीब 3,700 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है। अगर इसके रिकॉर्ड स्तर की बात करें तो सोना अपने हाई 1,93,096 रुपये से करीब 34,696 रुपये नीचे कारोबार कर रहा है।
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
सवाल यही है कि जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है, तब सोना-चांदी क्यों गिर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञ इसके पीछे कुछ अहम वजहें बताते हैं
-कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
क्रूड ऑयल महंगा होने से वैश्विक महंगाई का खतरा बढ़ता है। इससे निवेशकों की रणनीति बदल जाती है।
- डॉलर की मजबूती
जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तब सोना-चांदी जैसी कमोडिटी पर दबाव आता है।
- ब्याज दरें ऊंची रहना
हाई इंटरेस्ट रेट की स्थिति में निवेशक बॉन्ड या दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स की ओर ज्यादा झुकते हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग कमजोर पड़ सकती है।
आगे क्या होगा? एक्सपर्ट क्या कह रहे
कमोडिटी मार्केट के कई विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल गिरावट जरूर दिख रही है, लेकिन यह लंबी अवधि का ट्रेंड नहीं भी हो सकता। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ सकती है और सोना-चांदी फिर से तेज़ी पकड़ सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से पहले बाजार की दिशा को थोड़ा और स्पष्ट होने दें।
नोट: सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश करने से पहले वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।