आईटी शेयरों में बिकवाली, कमजोर ग्लोबल संकेत, रुपये में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों के उछाल से बाजार धड़ाम। सेंसेक्स 1,250 अंक टूटा, निफ्टी 25,400 के नीचे बंद।
नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के दिन तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली हावी रही और दिन के दौरान सेंसेक्स करीब 1,250 अंक तक टूट गया। निफ्टी भी 25,400 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया। पिछले दो दिनों की तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया और लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
कारोबार के अंत में क्या रहा हाल
दिनभर की उठापटक के बाद BSE Sensex 1,068.74 अंक यानी 1.28% गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 288.35 अंक यानी 1.12% टूटकर 25,424.65 पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में करीब आधा फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई।
इतनी बड़ी गिरावट के कारण
शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट के निवेशकों के एक ही दिन में 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक डूब गए। कारोबार में आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली रही। गिरावट के बड़े कारण सामने आए हैंः
1. आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं ने पारंपरिक आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं।
अमेरिकी एआई कंपनी Anthropic ने दावा किया है कि उसका ‘क्लाउड कोड’ टूल पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपडेट करने की लागत और जटिलता को कम कर सकता है। इससे भारतीय आईटी कंपनियों के ऑर्डर बुक पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी। सुबह करीब 9:30 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 3% तक टूट गया।
2. रुपये में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 7 पैसे गिरकर 90.96 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर की मजबूती ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बनाया। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की कुछ खरीदारी से गिरावट सीमित रही।
3. कमजोर वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में सुस्ती रही, जबकि अमेरिकी बाजार Wall Street भी गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने टैरिफ को लेकर कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी। निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनानी शुरू कर दी।
4. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude का भाव करीब 1% बढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ने और महंगाई दबाव बढ़ने की आशंका रहती है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।
5. वीकली एक्सपायरी का असर
मंगलवार को निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी थी। ऐसे दिनों में ट्रेडर्स अपनी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पोजिशन समायोजित करते हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ जाती है। आज की तेज गिरावट में इसका भी योगदान रहा।
चार्ट्स क्या कह रहे हैं?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, पिछली ट्रेडिंग में निफ्टी 25,700 के ऊपर टिक नहीं पाया, जो तेजी की रफ्तार धीमी पड़ने का संकेत है। उनका मानना है कि 25,300 से 25,840 के बीच दायरा बना रह सकता है और 25,550 के आसपास उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए।
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