सेंसेक्स 850 अंक गिरकर 82,800 के पास, निफ्टी 25,600 के नीचे। IT शेयरों में बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेतों से बाजार क्रैश
भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार, 13 फरवरी को खुलते ही निवेशकों की धड़कनें तेज हो गईं। लगातार दूसरे दिन बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 850 अंक टूटकर 82,800 के आसपास आ गया, वहीं निफ्टी 25,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
आईटी शेयरों में तेज बिकवाली, ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत और रुपये पर बढ़ता दबाव, इन सबका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर साफ दिखा। नतीजा यह रहा कि लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में नजर आए, मिडकैप और स्मॉलकैप में भी अच्छी-खासी कटौती देखने को मिली।
सुबह करीब 9:45 बजे बीएसई सेंसेक्स 844.58 अंक यानी करीब 1% गिरकर 82,830.34 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 260.80 अंक टूटकर 25,546.40 के स्तर पर आ गया।
शेयर बाजार गिरने के 4 बड़े कारण
1. IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली
आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा। पिछले तीन कारोबारी सत्रों से आईटी शेयर लगातार दबाव में हैं. Infosys, TCS, Wipro, HCL Tech, Coforge और Persistent Systems जैसे दिग्गज शेयर 6 से 8 फीसदी तक टूट गए.निफ्टी IT इंडेक्स करीब 5% लुढ़क गया। एक दिन पहले भी इसमें 5.5% की गिरावट दर्ज की गई थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के बढ़ते असर से पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल और मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। इसी डर से निवेशक आईटी शेयरों से दूरी बनाते दिखे.रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, IT शेयरों की इस तेज गिरावट ने बाजार के बुल्स को फिलहाल बैकफुट पर धकेल दिया है।
2. कमजोर ग्लोबल संकेत
घरेलू बाजार पर ग्लोबल कमजोरी का भी सीधा असर पड़ा। एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंग सेंग, जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट गिरावट में रहे.अमेरिका में भी टेक शेयरों पर दबाव बना रहा और नैस्डैक कंपोजिट 2% से ज्यादा टूट गया। AI से जुड़ी चिंताओं के चलते सॉफ्टवेयर, रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बिकवाली तेज रही। निवेशक अब महंगाई आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं।
3. रुपये में कमजोरी
शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.69 के स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की मजबूती और घरेलू शेयर बाजार की गिरावट से रुपये पर दबाव बना। फॉरेक्स बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि जब तक डॉलर मजबूत रहेगा, तब तक इमर्जिंग मार्केट करेंसीज को राहत मिलना मुश्किल है।
4. इंडिया VIX में उछाल
बाजार की अस्थिरता दिखाने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। VIX में तेजी का मतलब साफ है, निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।
अब आगे क्या?
फिलहाल बाजार का रुख कमजोर यानी बेयरिश बना रह सकता है। 25,500 का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है। अगर यहां से भी गिरावट बढ़ती है तो अगला अहम सपोर्ट 24,571 के आसपास देखा जा सकता है। हालांकि, अगर निफ्टी 25,750 के ऊपर टिकता है तो गिरावट की रफ्तार कुछ थम सकती है।
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