सेंसेक्स 500 अंक गिरकर 83,700 पर, निफ्टी 25,800 के करीब। IT और ऑटो शेयरों में बिकवाली, BHEL OFS खुला, ग्लोबल बाजार मिला-जुला।
शेयर बाजार में गुरुवार सुबह से ही दबाव दिख रहा है। 12 फरवरी को सेंसेक्स करीब 500 अंक टूटकर 83,700 के स्तर पर आ गया। निफ्टी भी लगभग 150 अंक फिसलकर 25,800 के पास कारोबार कर रहा है। सुबह की तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई और IT व ऑटो शेयरों में बिकवाली ने बाजार की रफ्तार थाम दी।
IT सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में
आज की गिरावट में सबसे ज्यादा मार IT कंपनियों पर दिखी।
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निफ्टी IT इंडेक्स 4% से ज्यादा नीचे
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मीडिया इंडेक्स करीब 1% गिरा
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ऑटो इंडेक्स में 0.30% की कमजोरी
बड़े IT शेयरों में लगातार प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल रही है। डीलरों का कहना है कि हाल की तेजी के बाद निवेशक मुनाफा निकाल रहे हैं , और ग्लोबल संकेत भी पूरी तरह मजबूत नहीं हैं।
ग्लोबल मार्केट: एशिया में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों से आज मिश्रित संकेत मिले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.60% ऊपर 5,495 पर, जापान का निक्केई लगभग फ्लैट, 57,605 के आसपास है हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.84% नीचे 27,036 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.12% ऊपर 4,137 पर बना है
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो 11 फरवरी को डाउ जोंस 0.13% गिरकर 50,121 पर बंद हुआ नैस्डैक 0.16% नीचे 23,066 और S&P 500 लगभग फ्लैट 6,941 पर रहा ग्लोबल अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर भी दिख रहा है।
FII-DII डेटा: फरवरी में खरीदारी का रुख
11 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 944 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 126 करोड़ रुपए की बिकवाली की। फरवरी में अब तक FIIs ने 5,913 करोड़ की खरीदारी की और DIIs ने 3,945 करोड़ के शेयर खरीदे हालांकि जनवरी 2026 में तस्वीर उलट थी। FIIs ने 41,435 करोड़ की भारी बिकवाली की थी DIIs ने 69,220 करोड़ की खरीदारी की थी विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी बाजार को सहारा दे सकती है, लेकिन सेक्टोरल दबाव फिलहाल हावी है।
BHEL का OFS खुला, लेकिन डिस्काउंट घटा
केंद्र सरकार की महारत्न कंपनी BHEL का ‘ऑफर फॉर सेल’ आज रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है। सरकार 3% हिस्सेदारी बेच रही है, साथ ही 2% ग्रीनशू ऑप्शन भी रखा गया है। फ्लोर प्राइस 254 रुपए प्रति शेयर था ऐलान के समय बाजार भाव करीब 276 (8% डिस्काउंट) आया । अब शेयर भाव: करीब 260 रुपए पर है हालिया गिरावट के बाद अब निवेशकों को सिर्फ 2-3% का ही प्रभावी डिस्काउंट मिल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कम हुआ डिस्काउंट OFS को थोड़ा कम आकर्षक बना सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशक इसे मौके के रूप में देख सकते हैं।