आरबीआई ने ऑटो डेबिट के नए नियम लागू किए। अब 24 घंटे पहले अलर्ट, ई-मैंडेट पर पूरा नियंत्रण और बिना अतिरिक्त शुल्क की सुविधा मिलेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ई-मैंडेट से जुड़े नए दिशा-निर्देश मंगलवार से लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत, खाते से पैसा कटने (ऑटो डेबिट) से 24 घंटे पहले संबंधित बैंक या कार्ड जारी करने वाले वित्तीय संस्थानों को ग्राहक को अलर्ट देना होगा। ये नियम उन सभी ऑटो भुगतान जैसे ओटीटी सब्सक्रिप्शन, बीमा प्रीमियम, बिल भुगतान, एसआईपी और ईएमआई पर लागू होंगे, जो कार्ड, यूपीआई या प्रीपेड माध्यमों से किए जाते हैं।
दरअसल, आरबीआई ने ऑटो डेबिट को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल पेमेंट्स ई-मैंडेट फ्रेमवर्क, 2026 जारी किया है। नए नियमों के जरिए ग्राहक कभी भी अपने ई-मैंडेट को बदल या पूरी तरह बंद कर सकते हैं। इससे उन्हें खाते से कटने वाले पैसों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।
यदि आपने कोई ऑटो डेबिट चालू किया है और अब उसे बंद करना चाहते हैं, तो ई-मैंडेट को रद्द या संशोधित कर सकते हैं। हालांकि, ऑटो डेबिट सुविधा शुरू करने से पहले ग्राहक को एक बार पंजीकरण कराना होगा। वहीं, डेबिट या क्रेडिट कार्ड एक्सपायर होने पर सब्सक्रिप्शन सेवाओं के लिए बार-बार बैंक के चक्कर लगाने या ऐप अपडेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैंक पुराने कार्ड के सभी भुगतान निर्देशों को नए कार्ड पर ट्रांसफर करेंगे।
कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ई-मैंडेट सुविधा लेने पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही, किसी भी विवाद या गलत लेनदेन की स्थिति में शिकायत दर्ज करने और उसके समाधान के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
देना होगा पूरा ब्योरा
ऑटो डेबिट से 24 घंटे पहले ग्राहक को मिलने वाले अलर्ट में बैंक या वित्तीय संस्थानों को यह बताना होगा कि पैसा किस कंपनी को जाएगा, कब और कितनी राशि कटेगी, और रेफरेंस नंबर क्या होगा, ताकि किसी गड़बड़ी की स्थिति में ग्राहक तुरंत कार्रवाई कर सके। यदि ग्राहक चाहे, तो इस अवधि के दौरान भुगतान को रोक भी सकता है। हालांकि, फास्टैग ऑटो रिचार्ज के मामलों में यह पूर्व सूचना जरूरी नहीं होगी।नए नियमों के तहत अब बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड निवेश और क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान के लिए प्रति लेनदेन एक लाख रुपये तक ओटीपी की आवश्यकता नहीं होगी। सामान्य ई-मैंडेट के लिए यह सीमा 15,000 रुपये तय की गई है।