PPF अकाउंट पर लोन कैसे लें, कितनी राशि मिलती है, ब्याज दर और नियम क्या हैं। जानिए फायदे, नुकसान और आवेदन की पूरी प्रक्रिया।
ज्ञानेश पाठक
पब्लिक प्रोविडेंट फंड न केवल निवेश के लिए बेहतरीन है, बल्कि यह संकट के समय आपकी मदद भी कर सकता है। अगर आपको पैसों की सख्त जरूरत है, तो आप अपने पीपीएफ बैलेंस पर लोन ले सकते हैं।
समय सीमाः आप पीपीएफ खाता खोलने के तीसरे वित्तीय वर्ष से छठे वित्तीय वर्ष के अंत तक लोन ले सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपने खाता 2022-23 में खोला है, तो आप 2024-25 से लोन के लिए पात्र होंगे। कितना लोन मिलेगा आप अपने खाते में जमा कुल राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत तक लोन ले सकते हैं। यह गणना लोन आवेदन वाले वर्ष से दो साल पहले के बैलेंस पर की जाती है।
ब्याज दर : पीपीएफ लोन पर ब्याज दर, पीपीएफ पर मिलने वाले मौजूदा ब्याज से केवल 1 फीसदी अधिक होती है। जैसे, यदि अभी पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है, तो लोन पर 8.1 प्रतिशत ब्याज लगेगा।
लोन चुकाने के नियमः लोन को अधिकतम 36 महीनों के भीतर चुकाना होता है। पहले आपको मूलधन चुकाना होगा, उसके बाद दो मासिक किस्तों में ब्याज चुकाना होगा।
चूक की स्थितिः यदि आप 36 महीनों में लोन नहीं चुका पाते हैं, तो ब्याज की दर 1 प्रतिशत के बजाय 6 फीसदी (पेनल्टी) तक बढ़ सकती है.
आवेदन की प्रक्रिया
फॉर्म डी: लोन लेने के लिए आपको अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म डी भरकर जमा करना होगा।
दस्तावेजः इसके साथ आपको अपनी पीपीएफ पासबुक और एक आवेदन पत्र देना होगा।
यह कब फायदेमंद है
सस्ता विकल्पः यह पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन की तुलना में बहुत सस्ता है। इसके लिए आपको किसी संपत्ति या गारंटी की जरूरत नहीं होती।
क्रेडिट स्कोर का असर नहींः इसमें बैंक आपके सिबिल स्कोर पर ज्यादा ध्यान नहीं देते क्योंकि आपका पैसा पहले से ही उनके पास है।
सावधानियां और नुकसान
ब्याज का नुकसानः जब तक आपका लोन बकाया रहता है, तब तक आपके पीपीएफ खाते में उतनी राशि पर आपको मिलने वाला वार्षिक ब्याज (7.1 प्रतिशत) बंद हो जाता है।
लक्ष्य में देरीः यह आपके रिटायरमेंट फंड की वृद्धि को धीमा कर सकता है।
अस्थाई सुविधाः यह केवल छठे वर्ष तक ही उपलब्ध है। सातवें वर्ष से आप आंशिक निकासी कर सकते हैं, जिस पर ब्याज नहीं देना पड़ता।
सलाह: लोन लेने से पहले आपके पास 5-6 महीने के खर्चों के बराबर एक इमरजेंसी फंड होना चाहिए। पीपीएफ लोन का उपयोग केवल तभी करें जब आपके पास कोई अन्य विकल्प न हो।