इजराइल-ईरान जंग के असर से एशियाई बाजारों में गिरावट। दक्षिण कोरिया 4% टूटा, कच्चा तेल दो दिन में 13% चढ़ा। भारतीय बाजार होली पर बंद रहे।
मुंबई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की आंच अब सीधे शेयर बाजारों तक पहुंच गई है। इजराइल और ईरान के बीच टकराव की खबरों के बीच सोमवार, 3 मार्च को एशियाई बाजारों में घबराहट दिखी। हालांकि होली के कारण भारत में ट्रेडिंग बंद रही, लेकिन बाकी एशिया में निवेशकों ने साफ-साफ सतर्क रुख अपनाया। तेल की कीमतों में दो दिन में 13% की तेजी ने डर और बढ़ा दिया है।
एशियाई बाजारों का हाल
दक्षिण कोरिया का KOSPI 4.03% टूटकर 6000 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। यह गिरावट बताती है कि विदेशी निवेशक जोखिम भरे बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। जापान का Nikkei 225 2.29% फिसलकर 56,700 के आसपास रहा। टेक और ऑटो शेयरों में दबाव दिखा। चीन का Shanghai Composite 4,180 पर लगभग सपाट रहा, जबकि हॉन्गकॉन्ग का Hang Seng Index 26,070 के स्तर पर फ्लैट कारोबार करता दिखा। वहीं पाकिस्तान का KSE 30 0.78% की बढ़त के साथ 46,688 पर रहा। कुल मिलाकर बाजार में एक तरह की बेचैनी है, खरीदारी से ज्यादा इंतजार।
कच्चा तेल: दो दिन में 13% उछाल
वैश्विक बेंचमार्क Brent Crude 3% से ज्यादा चढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। शुक्रवार को इसमें करीब 10% की तेजी आई थी। यानी, दो कारोबारी दिनों में 13% से ज्यादा की छलांग।
कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात और बिगड़े, तो तेल 100 नहीं बल्कि 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ेगा। दिल्ली में पेट्रोल ₹95 से बढ़कर ₹100 के पार जा सकता है, जबकि डीजल ₹88 से ₹92 तक पहुंच सकता है। बाकी शहरों में भी यही ट्रेंड रह सकता है।
अमेरिकी बाजार में मिला-जुला कारोबार
2 मार्च को अमेरिकी बाजारों में भी असमंजस दिखा। टेक आधारित Nasdaq Composite 0.36% बढ़कर 22,74 पर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average 73 अंक यानी 0.15% गिरकर 48,904 पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 मामूली 0.04% की बढ़त के साथ 6,881 पर रहा। स्पष्ट है कि निवेशक अभी बड़े दांव लगाने के मूड में नहीं हैं।
भारत में कल भारी गिरावट
हालांकि आज बाजार बंद हैं, लेकिन 2 मार्च को भारतीय बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। BSE Sensex 1048 अंक यानी 1.29% टूटकर 80,239 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 313 अंकों (1.24%) की गिरावट रही और यह 24,866 पर आ गया। तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी फंड की बिकवाली और वैश्विक तनाव तीनों ने मिलकर बाजार का मूड बिगाड़ दिया।
फिलहाल बाजार की दिशा तेल की कीमतें और मिडिल ईस्ट की स्थिति तय करेगी। अगर हालात काबू में रहे तो गिरावट सीमित रह सकती है। लेकिन तनाव लंबा खिंचा, तो महंगाई, ब्याज दरें और शेयर बाजार सब पर असर दिखेगा। निवेशक फिलहाल स्क्रीन पर कम, खबरों पर ज्यादा नजर रखे हुए हैं , और यही इस समय की असली कहानी है।