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Iran War Spoils Holi Mood, Sensex Crashes 1700 Poi

ईरान वॉर से बिगड़ा बाजार का मूड, सेंसेक्स 1700 अंक टूटा, निवेशकों के 9 लाख करोड़ डूबे

ईरान-इजराइल जंग से शेयर बाजार में भारी गिरावट, होली के दिन सेंसेक्स 1700 अंक टूटा, निफ्टी और बैंक निफ्टी भी लाल निशान में


ईरान वॉर से बिगड़ा बाजार का मूड सेंसेक्स 1700 अंक टूटा निवेशकों के 9 लाख करोड़ डूबे

होली के रंग अभी ठीक से सूखे भी नहीं थे कि शेयर बाजार ने निवेशकों को बड़ा झटका दे दिया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव का असर सीधे बाजार पर दिखा और कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही भारी बिकवाली हावी हो गई। सेंसेक्स 1700 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 500 अंकों की गिरावट के साथ फिसल गया।

लाल निशान में खुला बाजार

शुक्रवार को होली के दिन बाजार खुलते ही दबाव में आ गया। सेंसेक्स 1700 अंक गिरकर 78,600 के नीचे कारोबार करता दिखा, वहीं निफ्टी 500 अंक टूटकर करीब 24,350 के आसपास पहुंच गया। बैंक निफ्टी की हालत भी अलग नहीं रही और इसमें करीब 1000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. इस पूरे झटके में निवेशकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई।

इन शेयरों में जबरदस्त गिरावट

बीएसई के टॉप-30 शेयरों में टेक कंपनियों को छोड़ दें तो बाकी ज्यादातर स्टॉक्स बुरी तरह टूटे।एलएंडटी के शेयर 6% से ज्यादा लुढ़क गए, टाटा स्टील करीब 5% नीचे आ गया, अडानी पोर्ट्स में 4% की गिरावट दर्ज हुई,महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंडिगो जैसे शेयर भी 4% तक टूटते नजर आए, कुल मिलाकर बाजार में डर का माहौल साफ दिखाई दिया।

बाजार गिरने की 3 बड़ी वजहें

इस तेज गिरावट के पीछे एक नहीं, कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं।

युद्ध का तनाव-ईरान-इजराइल युद्ध गहराने से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर बढ़ गया है। यही अनिश्चितता बाजार को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है।

कच्चा तेल महंगा-क्रूड ऑयल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई दोनों बढ़ने की आशंका है, जो शेयर बाजार के लिए नेगेटिव माना जाता है।

ग्लोबल सेल-ऑफ-अमेरिका और एशियाई बाजारों में आई गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।

तीन दिन में 13% चढ़ा कच्चा तेल

ब्रेंट क्रूड में आज करीब आधा फीसदी की तेजी देखी गई और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। बीते तीन दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 13% से ज्यादा उछल चुकी हैं. बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट का तनाव और बढ़ा, तो कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकता है।

एशियाई बाजारों में भी हाहाकार

एशिया के ज्यादातर बाजार भारी दबाव में नजर आए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 10% टूटकर 5,206 पर आ गया,जापान का निक्केई 3.89% गिरकर 54,090 पर ट्रेड करता दिखा,हांगकांग का हैंगसेंग 1.87% फिसला, चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ

अमेरिकी बाजार में उतार-चढ़ाव

अमेरिकी बाजारों में भी हालात स्थिर नहीं रहे। डाओ जोंस एक समय 1,200 अंकों से ज्यादा टूट गया था, हालांकि बाद में निचले स्तरों से करीब 800 अंकों की रिकवरी हुई, कारोबार के अंत में डाओ जोंस 403 अंक गिरकर 48,501 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 1.02% और S&P 500 करीब 0.94% की गिरावट के साथ बंद हुए।

आगे बाजार की चाल पर नजर

फिलहाल बाजार की दिशा पूरी तरह से मिडिल ईस्ट की खबरों पर टिकी हुई है। अगर युद्ध लंबा चला और कच्चे तेल के दाम और बढ़े, तो आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव और तेज हो सकता है। निवेशकों की निगाहें अब ग्लोबल संकेतों और अगले बड़े अपडेट पर टिकी हैं।

 

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