ईरान-अमेरिका तनाव से बाजारों में हड़कंप, प्री-ओपन में सेंसेक्स 7000 अंक टूटा और कच्चा तेल 10% उछला, निवेशक सतर्क।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर सोमवार सुबह बाजारों में दिखने लगा। भारतीय शेयर बाजार खुलने से पहले ही निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। हालात ऐसे बने कि प्री-ओपन ट्रेड में ही बड़े नुकसान के संकेत मिलने लगे.दरअसल, ईरान पर हुए हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब जंग जैसी स्थिति लेता दिख रहा है, जिसमें धीरे-धीरे कई देश शामिल होते जा रहे हैं। यही वजह है कि ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ भारतीय बाजार भी दबाव में आ गया।
कच्चे तेल में अचानक उछाल
सोमवार को बाजार खुलते ही ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 10 फीसदी उछलकर 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। ऑयल मार्केट पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर तनाव यूं ही बढ़ता रहा, तो कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकता है. तेल की कीमतों में यह तेजी सिर्फ सट्टेबाजी नहीं, बल्कि सप्लाई रुकने के डर से जुड़ी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना सबसे बड़ा कारण
तेल की कीमतों में उबाल की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को माना जा रहा है। यह ऐसा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया की करीब 40 फीसदी कच्चे तेल की सप्लाई गुजरती है और जिस पर ईरान का प्रभाव माना जाता है. इस रूट के बंद होने की आशंका ने ही बाजार में बेचैनी बढ़ा दी है। इसी डर से कई ऑयल ट्रेडर्स और शिपिंग कंपनियों ने फिलहाल इस रास्ते से शिपमेंट रोक दी है।
भारत के लिए कितना बड़ा झटका
इस पूरे घटनाक्रम का असर भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर पड़ सकता है। भारत अपने कुल कच्चे तेल के आयात का करीब 50 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है। इतना ही नहीं, गल्फ देशों को होने वाला बड़ा निर्यात भी इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है. यानी अगर सप्लाई लंबे समय तक बाधित रही, तो महंगाई से लेकर चालू खाते तक दबाव बढ़ सकता है।
शेयर बाजार में आगे क्या
तेल के दाम चढ़ने और जंग के हालात बनने से शेयर बाजार निवेशक फिलहाल सतर्क मोड में हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 166 अंक नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की गिरावट की आशंका जताई जा रही है। शुक्रवार को भी बाजार में भारी बिकवाली देखी गई थी, जब सेंसेक्स 961 अंक और निफ्टी 317 अंक टूट गया था। सोमवार को प्री-ओपन सेशन में हालात और खराब दिखे निफ्टी करीब 900 अंक नीचे और सेंसेक्स करीब 7000 अंक टूटता नजर आया.फिलहाल बाजार की निगाहें मिडिल ईस्ट से आने वाले हर नए अपडेट पर टिकी हैं। तनाव कम होता है या और बढ़ता है, इसी पर तय होगा कि बाजारों में डर कब तक बना रहेगा।