फरवरी 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21% दर्ज की गई। खाद्य महंगाई 3.47% रही और ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई शहरी क्षेत्रों से अधिक रही।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर देश में खुदरा महंगाई दर फरवरी माह में बढ़कर 3.21 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह दर जनवरी में दर्ज 2.75 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। साल-दर-साल आधार पर देखें तो हेडलाइन रिटेल महंगाई में 47 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.फरवरी का यह आंकड़ा सरकार द्वारा शुरू की गई नई सीपीआई श्रृंखला के तहत दूसरा डेटा है। इस नई श्रृंखला में आधार वर्ष को 2012 से बदलकर 2024 कर दिया गया है। फरवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) 104.57 पर पहुंच गया, जबकि जनवरी में यह 104.45 था।
शहरी और ग्रामीण महंगाई में दिखा अंतर
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर में भी अंतर देखने को मिला है। फरवरी में ग्रामीण महंगाई दर 3.37 प्रतिशत रही, जबकि शहरी महंगाई दर 3.02 प्रतिशत दर्ज की गई।खाद्य महंगाई, जिसे उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) से मापा जाता है, फरवरी में 3.47 प्रतिशत रही। यह जनवरी में दर्ज 2.13 प्रतिशत की तुलना में काफी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर 3.46 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई।
घरेलू खर्च में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ी
रिपोर्ट में बताया गया है कि नई सीपीआई श्रृंखला में घरेलू खर्च के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए कुछ बदलाव किए गए हैं। इसमें विशेष रूप से आवास, परिवहन और संचार जैसी सेवाओं का भार बढ़ाया गया है। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि समय के साथ घरेलू खर्च में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
सीपीआई के लिए कीमतों का डेटा पूरे देश से एकत्र किया जाता है। इसके लिए 1,400 से अधिक शहरी बाजारों और 1,400 से अधिक गांवों से मूल्य संबंधी जानकारी ली जाती है। सरकार हर माह ग्रामीण, शहरी और संयुक्त श्रेणियों के लिए सीपीआई आंकड़े जारी करती है। इसके साथ ही विभिन्न वर्गों, समूहों और व्यक्तिगत वस्तुओं के सूचकांक तथा राज्य स्तर पर महंगाई से संबंधित डेटा भी प्रकाशित किया जाता है।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि फरवरी 2026 में जनवरी 2026 की तुलना में टमाटर, मटर और फूलगोभी के सूचकांक में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई।
आवास महंगाई दर 2.12 प्रतिशत
फरवरी के लिए साल-दर-साल आधार पर आवास महंगाई दर 2.12 प्रतिशत (प्रावधिक) दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास महंगाई दर 2.43 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 2.00 प्रतिशत दर्ज की गई।सरकार ने हाल ही में सीपीआई के आधार वर्ष में बदलाव करते हुए नई श्रृंखला लागू की है। जनवरी में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार नई श्रृंखला में इन्फ्लेशन बास्केट में खाद्य और पेय पदार्थों का वजन पहले की तुलना में कम किया गया है। हालांकि इसके बावजूद यह इन्फ्लेशन बास्केट का सबसे अहम घटक बना हुआ है। संशोधित सीपीआई बास्केट में सेवाओं को पहले की तुलना में अधिक महत्व दिया गया है।