सीएआईटी के अनुसार इस साल होली पर भारत में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद। स्वदेशी उत्पादों की मांग में बड़ा उछाल
मुंबई। इस वर्ष होली के त्योहार पर देशभर में कारोबारियों के लिए बाजार बेहद उत्साहजनक रहने वाला है। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार, होली के अवसर पर भारत में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद है। यह पिछले वर्ष के लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है।
‘वोकल फॉर लोकल’ से स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ी
खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का असर इस बार बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। होली के बाजारों में भारत में बने हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारी, गुब्बारे, पूजा सामग्री, परिधान और उत्सव से जुड़े उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है। वहीं, चीनी उत्पादों की मांग पिछले कुछ वर्षों में काफी घट गई है।
दिल्ली में 15 हजार करोड़ का कारोबार संभव
सीएआईटी के अनुमान के अनुसार, अकेले दिल्ली में ही होली से जुड़ा व्यापार 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है। शहर के बाजारों में रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियां, गुजिया और गिफ्ट पैक की खरीदारी के लिए भारी भीड़ देखी जा रही है। होली के चलते मिठाई बाजार में भी तेजी आई है। खासतौर पर पारंपरिक मिठाई गुजिया की मांग बढ़ी है। इसके अलावा सूखे मेवे, उपहार, फूल, फल, कपड़े, एफएमसीजी उत्पाद और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
देशभर में हजारों होली मिलन कार्यक्रम
खंडेलवाल ने बताया कि देशभर में बड़े पैमाने पर होली समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। केवल दिल्ली में ही व्यापारिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3,000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्तरां और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं।
हर्बल रंग और थीम पिचकारियों का ट्रेंड
उपभोक्ताओं में इस बार हर्बल और प्राकृतिक रंगों की मांग बढ़ी है। वहीं बच्चों के बीच ‘स्पाइडरमैन’ और ‘छोटा भीम’ थीम वाली पिचकारियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। दिल्ली में 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा।