गुरुवार को सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट। चांदी 5 हजार से ज्यादा सस्ती, सोना भी फिसला। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल ने निवेशकों को चौंकाया
गुरुवार की शुरुआत निवेशकों के लिए कुछ अलग ही संकेत लेकर आई। जहां सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दिखी, वहीं शेयर बाजार की चाल भी बार-बार रंग बदलती नजर आई। कमोडिटी से लेकर इक्विटी मार्केट तक, हर तरफ सुस्ती और कन्फ्यूजन का माहौल रहा.खास बात यह रही कि बीते कारोबारी सत्र तक रफ्तार पकड़ चुकी चांदी आज खुलते ही एक झटके में 5 हजार रुपये से ज्यादा टूट गई।
MCX पर खुलते ही चांदी 5,800 रुपये सस्ती
कमोडिटी बाजार में गुरुवार को कमजोरी साफ दिखी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी अपने पिछले बंद भाव 2,78,364 रुपये प्रति किलो के मुकाबले सीधे 2,72,560 रुपये प्रति किलो पर खुली.इस तरह एक ही झटके में चांदी करीब 5,804 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई. अगर हाई लेवल की बात करें, तो 29 जनवरी को चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के शिखर पर पहुंची थी। वहां से अब तक यह करीब 1.47 लाख रुपये प्रति किलो टूट चुकी है, जो निवेशकों के लिए बड़ा मूव माना जा रहा है।
सोने के भाव में भी आई नरमी
चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी फीकी पड़ी है। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला वायदा सोना बुधवार के बंद भाव 1,61,145 रुपये प्रति 10 ग्राम से फिसलकर 1,60,516 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला.यानी 24 कैरेट सोना एक झटके में 629 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया. सोने ने भी अपना लाइफ टाइम हाई 29 जनवरी को ही बनाया था, जब भाव 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचे थे। उस स्तर से अब तक सोना करीब 32,580 रुपये टूट चुका है।
शेयर बाजार की चाल
जहां कमोडिटी मार्केट में दबाव दिखा, वहीं शेयर बाजार की चाल भी निवेशकों को उलझाती रही. बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही इंडेक्स जोरदार तेजी के साथ खुले, लेकिन मिनटों में ही रेड जोन में फिसल गए.सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,276 के मुकाबले बढ़त लेकर 82,418 पर खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में 82,244 तक आ गया। इसके बाद फिर चाल बदली और यह करीब 200 अंक उछल गया.निफ्टी का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। यह 25,482 के मुकाबले 25,556 पर खुला, फिर 25,487 तक टूट गया। खबर लिखे जाने तक निफ्टी फिर से करीब 50 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
निवेशकों की नजर
सोना-चांदी में आई इस गिरावट और शेयर बाजार की बदली-बदली चाल ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जानकारों की मानें तो आगे का रुख वैश्विक संकेतों, ब्याज दरों और डॉलर की चाल पर काफी हद तक निर्भर करेगा. फिलहाल बाजार में एक बात साफ है, उतार-चढ़ाव का दौर अभी थमने वाला नहीं दिख रहा।