नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर: केंद्र सरकार ने FASTag के वार्षिक पास की कीमत बढ़ाई, 1 अप्रैल से होगा लागू।
नेशनल हाईवे पर नियमित सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए अगले महीने से थोड़ा ज्यादा खर्च हो जाएगा। केंद्र सरकार ने FASTag के वार्षिक पास की कीमत में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। इसके बाद निजी कार मालिकों को एनुअल पास के लिए 3,000 रुपये के बजाय 3,075 रुपये चुकाने होंगे। यानी इस सुविधा की कीमत में करीब 2.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
सरकार ने यह पास उन लोगों को ध्यान में रखकर शुरू किया था जो अक्सर लंबी दूरी तय करते हैं और बार-बार टोल टैक्स देने से बचना चाहते हैं। इस पास के जरिए कई टोल प्लाजा पर बिना रुकावट यात्रा करना आसान हो जाता है।
हर साल तय फॉर्मूले के आधार पर होती है कीमतों की समीक्षा
परिवहन मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस योजना को लागू करते समय ही यह तय कर दिया गया था कि समय-समय पर इसकी कीमतों की समीक्षा की जाएगी। टोल दरों के लिए जो राष्ट्रीय स्तर पर फॉर्मूला लागू है, उसी के अनुसार हर साल संशोधन किया जाता है। इस बार उसी प्रक्रिया के तहत 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की गई है।
52 लाख से ज्यादा यूजर्स ले रहे हैं फायदा
जब सरकार ने यह एनुअल पास शुरू किया था, तब अनुमान लगाया गया था कि यह सुविधा धीरे-धीरे लोकप्रिय होगी। लेकिन उम्मीद से ज्यादा लोगों ने इसे अपनाया। वर्तमान में देशभर में लगभग 52 लाख से अधिक कार मालिक इस पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर ऐसे लोग जो लगातार हाईवे पर यात्रा करते हैं, उनके लिए यह ऑप्शन काफी सुविधाजनक माना जा रहा है।
31 मार्च तक पुराने रेट का फायदा उठा सकते हैं यूजर्स
सरकार ने वाहन चालकों को राहत देते हुए बताया है कि नई दरें लागू होने से पहले तक पुरानी कीमत पर पास खरीदा जा सकता है। जो लोग 31 मार्च तक नया पास लेते हैं या अपना पास रिन्यू करवाते हैं, उन्हें 3,000 रुपये ही देने होंगे। इसके बाद 1 अप्रैल से नई कीमतें सिस्टम में लागू हो जाएंगी और उसी के अनुसार भुगतान करना होगा।
200 टोल प्लाजा पर लागू है सुविधा
जानकारी के लिए आपको बता दें कि फिलहाल यह एनुअल पास देश के करीब 200 टोल प्लाजा पर मान्य है। इससे यात्रियों को हर बार टोल भुगतान करने की परेशानी से राहत मिलती है और हाईवे पर ट्रैफिक भी कम रुकता है। सरकार का उद्देश्य भविष्य में इस सुविधा को और ज्यादा टोल प्लाजा तक बढ़ाना है ताकि कैशलेस ट्रैवल को बढ़ावा मिल सके और यात्रा अधिक आसान हो सके।