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उप्र कैबिनेट निर्णय: मंत्री-अफसरों को सार्वजनिक करनी होगी संपत्ति

मंत्रिपरिषद की विशेष बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फैसला

Update: 2022-04-26 11:00 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मंत्रियों और अफसरों को अपनी चल-अचल सम्पत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को अक्षरस: पालन करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद समूह की विशेष बैठक में सभी मंत्रियों और नौकरशाहों को उनकी सम्पत्ति घोषित करने को कहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से कई मंत्रियों और अफसरों की परेशानी बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जनप्रतिनिधियों के आचरण की शुचिता अति आवश्यक है। इसी भावना के अनुरूप सभी मंत्री शपथ लेने के अगले तीन माह की अवधि के भीतर अपने और अपने परिवार के सदस्यों की समस्त चल-अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करें। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए मंत्रियों के लिए निर्धारित आचरण संहिता का पूरी निष्ठा से पालन किया जाए।

संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा - 

उन्होंने कहा कि सभी लोक सेवकों को भी अपनी व परिवार के सदस्यों की समस्त चल-अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करनी होगी। यह विवरण आमजनता के अवलोकनार्थ ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। ताकि प्रदेश की जनता सरकार से जुड़े लोगों के बारे जान सके।

 शासकीय कार्य में दखल नहीं- 

मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण फैसला किया है। अब योगी सरकार के मंत्री के परिजन किसी भी शासकीय कार्य में दखल नहीं दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस विशेष बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा है कि सभी मंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि शासकीय कार्यों में उनके पारिवारिक सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। हमें अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना होगा। उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों से मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद के बेटे सांसद प्रवीण निषाद के शासकीय कार्यों में दखल की बातें सामनें आ रही हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से अन्य मंत्री भी सावधान हो जाएंगे।

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