चुनाव आयोग की अड़चन हटते ही होगी कलेक्टरों की बड़ी सर्जरी

21 फरवरी के बाद दो दर्जन से अधिक जिलों में कलेक्टरों के तबादले संभव हैं।

Update: 2026-02-03 04:04 GMT

भोपाल। प्रदेश में चुनाव आयोग की अड़चन हटते ही प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। विशेष रूप से कलेक्टरों के तबादलों को लेकर शासन स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही चुनाव आयोग से अनुमति मिलेगी, दो दर्जन से अधिक जिलों में कलेक्टर बदले जा सकते हैं।

जानकारी के अनुसार जिन जिलों में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई हैं, वहां से अधिकारियों को हटाया जाना तय माना जा रहा है। वहीं मैदानी अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। हाल के महीनों में प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है।

21 फरवरी तक चलेगा एसआईआर का कार्य

चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य 21 फरवरी तक प्रस्तावित है। इस दौरान कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य मैदानी अधिकारी चुनावी कार्यों में व्यस्त हैं। इसी कारण फिलहाल तबादलों पर रोक लगी हुई है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार एसआईआर कार्य समाप्त होने के बाद ही कलेक्टरों और जिला अधिकारियों के तबादलों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ही कुछ जिलों में सीमित स्तर पर बदलाव संभव है।

महिला कलेक्टरों की संख्या घट सकती है

प्रदेश में 17 जिलों में वर्तमान में महिला कलेक्टर पदस्थ हैं। प्रस्तावित तबादला सूची में महिला कलेक्टरों की संख्या में कमी आ सकती है। रुतिका जैन ग्वालियर, उषा पासवान पन्ना, शशांक मिश्रा, राज सिंह नरवरिया, सोनिया मीणा नर्मदापुरम, शीतला पटले सिवनी, नेहा मीणा झाबुआ और ऋतु बाजपेयी शाजापुर सहित कई नामों पर चर्चा चल रही है।

इसके अलावा खरगोन, रानी बाग मेहर, नीमच, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी, अर्जुन सिंह मंडलोई, जयंत सिंह बड़वानी, प्रीति यादव आगर-मालवा और मिश्रा सिंह रतलाम जैसे जिलों में भी बदलाव संभव माना जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग की अड़चन समाप्त होते ही सरकार एक साथ कई जिलों में कलेक्टरों और जिला अधिकारियों के तबादले करेगी।

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