हिंदू सम्मेलन में कांग्रेस विधायक की मौजूदगी, संघ की ओर बढ़ता झुकाव है संकेत?
RSS के कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक की भागीदारी से संघ की ओर झुकाव के संकेत, कांग्रेसियों को पसंद आ रहा है संघ?
भोपाल। भारतीय राजनीति में जो बदलाव धीरे-धीरे दिख रहा था, वह अब खुलकर सामने आने लगा है। RSS के एक कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक की मौजूदगी को अब सिर्फ औपचारिक उपस्थिति नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे संघ की बढ़ती स्वीकार्यता और उसके सामाजिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार विवाद से ज्यादा चर्चा इस बात की है कि संघ अब उस दायरे में भी स्वीकार किया जा रहा है जहां कभी उससे दूरी दिखाई जाती थी।
संघ सिर्फ संगठन नहीं, संवाद का मंच?
जानकारी के मुताबिक, 17 जनवरी को जिस कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह शामिल हुए, वह सामाजिक और वैचारिक संवाद से जुड़ा था। मंच पर अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग मौजूद थे राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि RSS लंबे समय से खुद को एक सांस्कृतिक और वैचारिक संगठन के रूप में काम करता रहा है। अब जब अलग-अलग दलों के नेता उसके कार्यक्रमों में खुलकर आने लगे हैं, तो यह उसकी उस छवि को मजबूत करता है।
कांग्रेस विधायक की मौजूदगी क्यों अहम?
कांग्रेस के संघ के रिश्ते टकराव भरे रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस विधायक का संघ के मंच पर दिखना यह संकेत देता है कि विचारधारा के स्तर पर संवाद की जमीन तैयार हो रही है। यह सिर्फ व्यक्ति का फैसला नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक यथार्थ की तस्वीर है। संघ को अब केवल भाजपा से जोड़कर देखना, शायद राजनीति की पुरानी सोच बनती जा रही है।
विधायक के बयान में भी दिखा संतुलन
हरदा जिले के रहटगांव में हिंदू सम्मेलन में शामिल एमएलए अभिजीत शाह ने अपने बयान में कहा कि समाज के हर वर्ग और हर विचारधारा से संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंचों पर जाना लोकतांत्रिक सोच का हिस्सा होना चाहिए। उनके इस बयान को कई लोग राजनीतिक परिपक्वता के तौर पर देख रहे हैं।
संघ की सामाजिक स्वीकार्यता
संघ कभी भी किसी दल का मंच नहीं रहा और यही वजह है कि अलग-अलग विचारों के लोग उसके कार्यक्रमों में आते हैं। संघ कई दशकों से शिक्षा, सेवा और सामाजिक कार्यों से समाज के हर तबके तक पहुंच चुका है, अब इसका असर अब राजनीतिक दायरे में भी दिखने लगा है। कांग्रेस विधायक की मौजूदगी को इसी सामाजिक स्वीकार्यता की कड़ी माना जा रहा है।