अंडर-19 विश्व कप में राजनीति की एंट्री, IND-BAN कप्तानों ने नहीं मिलाया हाथ

Update: 2026-01-18 09:30 GMT

नई दिल्लीः अक्सर ही खेलों को दो देशों को करीब लाने और आपसी समझ बढ़ाने का तरीका माना जाता है। उसमें प्रसिद्ध क्रिकेट की बात ही क्या कहना। ऐसे में अंडर-19 विश्व कप का मंच आमतौर पर युवा जोश और खेल भावना के लिए जाना जाता है। हालांकि शनिवार के दिन बुलावायो में खेले जा रहे U-19 मैच के दौरान कुछ अलग ही नराजा देखने को मिला। भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबले से पहले मैदान पर ऐसा सन्नाटा पसरा, जिसने क्रिकेट से ज़्यादा राजनीति की आहट सुनाई।

दरअसल, क्रिकेट के मैदान में पाकिस्तान टीम के कप्तान से हाथ न मिलाने के बाद अब बांग्लादेश के मौजूदा हालातों पर भी टीम इंडिया और बांग्लादेश के खिलाड़ी हाथ मिलाने से परहेज करते नजर आए।

टॉस से पहले ही तल्खी का एहसास

जिम्बाब्वे के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में भारत और बांग्लादेश क्रिकेट के अंडर -19 का मैच खेला जाना था। इस दौरान जैसे ही टॉस का वक्त आया, कैमरों ने एक असहज पल कैद कर लिया। भारत के अंडर-19 कप्तान आयुष म्हात्रे और बांग्लादेश की ओर से टॉस के लिए आए उप-कप्तान जावाद अबरार ने न हाथ मिलाया, न नजरें मिलाईं।

बांग्लादेश के नियमित कप्तान मोहम्मद अजीजुल हकीम तमीम तबीयत खराब होने के कारण टॉस में शामिल नहीं हो सके थे। टॉस जीतकर बांग्लादेश ने पहले फील्डिंग चुनी, लेकिन खेल से पहले की औपचारिकताएं भी ठंडी ही रहीं।

राष्ट्रगान के दौरान भी दिखी दूरी

इतना ही नहीं टॉस के कुछ ही मिनट बाद, जब दोनों टीमें राष्ट्रगान के लिए मैदान के किनारे खड़ी थीं, तब भी वही दूरी साफ दिखी। खिलाड़ी पास-पास थे, लेकिन बातचीत या औपचारिक अभिवादन का कोई संकेत नहीं मिला। दर्शकों के लिए यह पल हैरान करने वाला था, क्योंकि जूनियर क्रिकेट में ऐसी सख्ती कम ही देखने को मिलती है।

राजनीति का असर क्रिकेट तक

इस पूरे घटनाक्रम को केवल मैदान की घटना मानना मुश्किल है। बीते कुछ हफ्तों से भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक माहौल तनावपूर्ण रहा है। इसकी चिंगारी तब भड़की जब तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में शामिल किए जाने का विरोध भारत में शुरू हुआ। पड़ोसी देश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की खबरों के बीच, सोशल मीडिया और सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग मुस्तफिजुर के भारत में खेलने के खिलाफ उतरे।

बीसीसीआई और बीसीबी आमने-सामने

जनभावनाओं को देखते हुए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ किया कि केकेआर को मुस्तफिजुर को टीम से बाहर रखने की सलाह दी गई थी। इसके जवाब में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारत आने पर सवाल खड़े कर दिए। यहीं से विवाद गहराता चला गया। टी20 विश्व कप के मैच भारत में हों या श्रीलंका में—इस पर बीसीसीआई और बीसीबी के बीच लगातार तनातनी चल रही है, जिसमें अब आईसीसी को दखल देना पड़ा है।

आईसीसी की एंट्री और बांग्लादेश का रुख

आईसीसी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही बांग्लादेश दौरे पर जाने वाला है, ताकि आमने-सामने बातचीत से स्थिति सुलझाई जा सके। हालांकि बांग्लादेश सरकार और क्रिकेट बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे ऊपर-बांग्लादेश

खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बांग्लादेश वैश्विक टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहता है, लेकिन भारत में मैच खेलने का सवाल अभी खुला है। उनके शब्दों में, “खिलाड़ियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मैदान से बाहर की लड़ाई, मैदान पर असर

अंडर-19 विश्व कप जैसे मंच पर कप्तानों का हाथ न मिलाना एक छोटी सी घटना लग सकती है, लेकिन यह दिखाता है कि जब राजनीति खेल पर हावी होती है, तो उसका असर सबसे पहले खेल भावना पर पड़ता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि आईसीसी इस विवाद को किस दिशा में ले जाती है।

क्या रहा मैच का रिजल्ट

बता दें कि शनिवार के दिन भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए मैच में भारत की U-19 टीम ने दमदार खेल दिखाते हुए विपक्ष की बांग्लादेश टीम को 17 रन से हराया। टॉस हारने के बाद पहले खेलने उतरी भारतीय टीम ने 48.4 ओवरों में अपने सभी 10 विकेट गंवाते हुए 238 रन बना पाई। वहीं, जीत के लिए बांग्लादेश को 239 रनों का टारगेट मिला। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम के लिए बारिश भी सहयोगी बनी और संसोधित टारगेट 165 रनों का मिला। हालांकि टीम वह भी हासिल करने में नाकामयाब रही और 146 रनों पर ऑल आउट हो गई।

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