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मर्यादित आचरण का पालन करें सभी सांसद

Update: 2019-02-13 13:57 GMT

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सभी सांसदों को मर्यादित आचरण करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इससे संसद की प्रतिष्ठा पर कोई आंच नहीं आएगी। बुधवार को सोलवीं लोकसभा के अंतिम सत्र के आखिरी दिन को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने यह बातें कही।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को लोकसभा का बजट सत्र अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित हो गया। अब अगला सत्र आम चुनावों के बाद 17वीं लोकसभा में होगा। सत्र के अंतिम दिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकतंत्र में सहमति-असहमति अस्वभाविक नहीं है, लेकिन यह आगे चलकर मर्यादाओं का उल्लंघन करती है। इससे गतिरोध की स्थिति पैदा होती है। इसलिए लोकतंत्र के मंदिर में सभी सदस्यों को एक स्वीकार्य मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।

महाजन ने लोकसभा में पिछले 5 सालों में हुए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि सोलवीं लोकसभा का गठन 18 मई 2014 को हुआ था। सभा की पहली बैठक 4 जून 2014 को हुई थी। कुल मिलाकर आज तक इसमें 331 बैठकें हुई हैं। लोकसभा ने 1612 घंटे से अधिक की बैठकें की । सदन में अव्यवस्थाओं के कारण 422 घंटे 19 मिनट का व्यवधान हुआ। 728 घंटे से अधिक देर तक बैठक कर सभा ने नियमित कार्यों को पूर्ण किया।

सदन में विधेयकों के कार्यों की जानकारी देते हुए महाजन ने कहा कि सोलवीं लोकसभा में 219 विधेयक पेश किए गए । इनमें से 205 सरकारी विधेयक स्वीकार किए गए और 9 सरकारी विधेयक वापस लिए गए। उन्होंने बताया कि गैर सरकारी सदस्यों ने 1117 विधेयक पेश किए। इनमें से कुछ को लेकर संकल्प पारित किए गए।

महाजन ने कहा कि संसद की स्थाई समितियां और संसदीय समितियों का वर्तमान लोकसभा में कामकाज काफी प्रभावी और कुशल रहा। उन्होंने कई महत्वपूर्ण सिफारिश की। लोकसभा की स्थाई समितियों ने 730 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए।

उन्होंने कहा कि कार्यपालिका का उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों का प्रश्न पूछना काफी महत्व रखता है। 16वीं लोकसभा में 6440 स्टार प्रश्न पूछे गए, जिनमें से 1178 प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए। लोकसभा में एक बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया जिसे 11 घंटे की चर्चा और मत विभाजन के बाद अस्वीकार कर दिया गया। इसके अलावा 18 ध्यानाकर्षण मामले उठाए गए और मंत्रियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 679 वक्तव्य दिए।

उन्होंने बताया कि सोलवीं लोक सभा के दौरान महत्वपूर्ण विषयों पर नियम 193 के तहत 33 अल्पकालीन चर्चाएं हुई जिनमें से लगभग 9 अल्पकालिक चर्चा पर आंशिक चर्चा भी हुई। उन्होंने कहा कि सभा ने कई ऐसे महत्वपूर्ण फैसले किए जिससे नए भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ जिनसे हमारी तरक्की एवं गरीबों तथा वंचितों के अधिकार दिलाने की महत्वपूर्ण पहल की गई। अपने भाषण के अंत में महाजन ने सर्वे भवंतु सुखिनः श्लोक का उचारण किया। 

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