संपत्ति कर वसूली पर कोरोना का साया, निगम का खजाना खाली
नए वित्तीय वर्ष में नाम मात्र की हुई वसूली
ग्वालियर, न.सं.। कोरोनावायरस से जहां जनजीवन ठप हो गया था, वहीं नगर निगम का संपत्तिकर वसूली का कार्य भी इससे प्रभावित हुआ है। पुराना वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही 24 मार्च से लॉकडाउन लगने के कारण नगर निगम पिछले साल का ही संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया था। इसके बाद अप्रैल माह में नया वित्तीय वर्ष भी शुरू हो गया। नए वित्तीय वर्ष के ढाई माह गुजर जाने के बाद भी संपत्ति कर वसूली नहीं होने के कारण नगर निगम की गुल्लक खाली है।
नगर निगम की आय का मुख्य स्रोत संपत्ति कर है। लेकिन संपत्ति कर की वसूली नहीं होने के कारण नगर निगम के अन्य कार्य भी ठप हो गए हैं। नगर निगम द्वारा जून माह तक संपत्तिकर देने में मिली छूट 6 प्रतिशत रियायत को जुलाई तक बढ़ा दिया है। हालांकि अभी तक निगम को रियायत देने के चलते लगभग 42 लाख से ज्यादा का नुकसान देखा जा रहा है। बताया जा रहा संपत्तिकर में छूट जुलाई तक लागू होगी। उसके बाद अगस्त-सितम्बर में बिना छूट व अधिभार के संपत्तिकर वसूली होगी।
इसके बाद अगले 6 माह तक प्रत्येक माह 2.5 प्रतिशत अधिभार लगाने की योजना है। उल्लेखनीय है कि निगम ने बीते वित्तीय वर्ष 2019-20 में 58 करोड़ की राशि लगभग एक लाख से ज्यादा संपत्तियों से राशि वसूल की गई है। जबकि ग्वालियर में लगभग 2.4 लाख संपत्तियां संपत्तिकर देने के चिन्हित है। वित्तीय वर्ष 2020-21 वर्तमान में 7 करोड़ के आसपास है।