Exclusive : सड़क निर्माण में भारत दुनिया में अब दूसरे स्थान पर - केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

अतुल तारे, साथ में दिल्ली से अनिता चौधरी

Update: 2023-07-03 10:32 GMT

(केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन जयराम गडकरी से ‘स्वदेश’ की खास बातचीत)

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन जयराम गडकरी याने विकास के पर्याय। गडकरी याने ‘मैन ऑफ द आइडियाज’। नितिन गडकरी अर्थात उमंग और उत्साह से भरे नवाचार। काम, काम और काम।

नितिन गडकरी का यही एक मूल मंत्र है। अपने सरकारी आवास 2, मोतीलाल मार्ग नई दिल्ली में ‘स्वदेश’ के साथ एक भेंट वार्ता में श्री गडकरी ने कहा कि भविष्य भारत का ही है। ‘स्वदेश’ के साथ हुई इस विशेष भेंट में ‘स्वदेश’ की नई दिल्ली स्थित विशेष प्रतिनिधि श्रीमति अनिता चौधरी से बातचीत में श्री गडकरी ने कहा कि देश में समृद्धि का रास्ता सडक़ परिवहन से ही आएगा और भारत वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में भी विश्व को एक रास्ता दिखाएगा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति कैनेडी के वाय को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका संपन्न राष्ट्र है इसलिए वहां की सडक़ें अच्छी नहीं हैं बल्कि अमेरिका की सडक़ें अच्छी हैं, इसलिए, अमेरिका संपन्न राष्ट्र है। श्री गडकरी ने कहा कि सडक़ निर्माण में आज भारत चीन को भी पीछे छोडक़र दूसरे स्थान पर है। अपने मंत्रालय से जुड़ी उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि मेरे मंत्रालय में 36 लाख हजार करोड़ के काम चल रहे हैं पर एक नए पैसे का दाग नहीं है। केंद्रीय परिवहन मंत्री ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सामने कोई चुनौती नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा फिर एक बार ऐतिहासिक विजय प्राप्त करेगी। कांग्रेस सहित शेष विपक्ष महागठबंधन के नाम पर ‘मरता या न करता’ की भूमिका में है। देश नकारात्मक राजनीति को नकार चुका है। और विश्व का नेतृत्व करने के लिए अग्रसर है।

सामूहिक नेतृत्व के पक्षधर हैं मोदी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में यह आरोप गलत है कि वह संवाद में विश्वास नहीं रखते। नीतिगत निर्णयों पर विचार विमर्श होता है। सलाह ली जाती है। पर चूंकि वह हम सबके नेता हैं तो अंतिम निर्णय स्वाभाविक रूप से उनका ही होता है पर वे अपने सहयोगियों को कार्य की स्वतंत्रता देते हैं।

महाराष्ट्र, अब संभव नहीं

महाराष्ट्र की राजनीति में हमेशा केंद्र में रहे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र की प्रत्यक्ष राजनीति में मेरा दखल या हस्तक्षेप या रुचि अब न्यूनतम है। मैं अब दिल्ली में हूं। केंद्रीय मंत्री के रूप में मेरे पास इतना काम है कि 24 घंटे भी कम पड़ते हैं। महाराष्ट्र की राजनीति अब मेरे लिए इतिहास है।

अपने लिए मैं सपने नहीं देखता

श्री गडकरी ने कहा कि मैं मूलत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक हूं। मैं वही काम करता हूं, जो मुझे दिया जाता है। केंद्रीय मंत्री के रूप में अच्छा प्रदर्शन मेरा कार्य है। मैं स्वयं या बनूंगा, इसके लिए कोई सपने नहीं देखता।

सडक़ जाल में अमेरिका के बाद भारत का दूसरा स्थान

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि मोदी सरकार ने नौ सालों में सडक़ निर्माण के क्षेत्र में बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं। साल 2013-2014 में सडक़ निर्माण कार्य और भारत का रोड नेटवर्क 91287 किलोमीटर था जो बढक़र 145240 किलोमीटर हो गया है। सडक़ जाल को लेकर भारत अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा सडक़ और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की वजह से राजस्व भी बढ़ा है। टोल टैस राजस्व साल 2013-2014 में 4770 करोड़ था जो अब बढक़र 13 हजार करोड़ हो गया है। सडक़ एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि साल 2024 समाप्त होने से पहले भारत की यातायात आर्थिकी अमेरिका के बराबर हो जाएगी।

दिल्ली में भीड़भाड़ कम करने 31,930 करोड़ रु. की परियोजनाएं

श्री गडकरी ने ‘स्वदेश’ से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में भीड़भाड़ कम करने के लिए 31,930 करोड़ रुपये के निवेश वाली प्रमुख परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने कहा कि वाहन प्रदूषण को कम करने के अलावा, एनसीआर में यातायात के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि 12 हजार करोड़ रुपए के ईस्टर्न पेरिफेरल एसप्रेसवे और छह हजार करोड़ रुपए के दिल्ली-मेरठ राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम जोरों पर है और द्वारका राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के लिए नौ हजार करोड़ रुपए के बजट का 30 किमी लंबा द्वारका-राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य जारी है। इसी के साथ छह लेन का 76 किमी लंबा आठ हजार करोड़ रुपए का शहरी विस्तार रोड परियोजना प्रगति पर है। इसके अलावा दिल्ली से मेरठ को जोडऩे वाली आठ हजार करोड़ की 95 किमी लंबी सडक़ निर्माण परियोजना का कार्य प्रगति पर है। 260 करोड़ रुपये की लागत से निष्पादित होने वाले धौला कुआं-हवाई अड्डे के गलियारे की भीड़ कम करने के लिए काम पहले ही सौंपा जा चुका है, इसके अलावा एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी है, जो पांच हजार करोड़ रुपये की नई रिंग रोड परियोजना के लिए प्रगति पर है।

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं धार्मिक स्थल

रोड नेटवर्क में क्रांति आने से धार्मिक स्थल एक दूसरे से जुड़ रहे हैं। बुद्धा सर्किट, अयोध्या, काशी, महाकाल, ये सभी सुगम और सुरक्षित सडक़ और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ रहे हैं और पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। इससे पर्यटन के क्षेत्र में जबरदस्त उछाल आया है । आस्था में समाहित पर्यटन के ये नए रास्ते समाज के हर क्षेत्र में लोगों को रोजगार दे रहे हैं। स्थानीय संस्कृति आज विदेशों तक पहुँच रही है और लघु उद्योग को नई पहचान मिल रही है। इन सब की वजह से आम जन जीवन की आर्थिक स्थिति और बेहतर हो रही है। श्रीराम की नगरी अयोध्या में आज 8698 करोड़ की परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अयोध्या में 236 किलोमीटर की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग 4 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है।

रक्षा क्षेत्र में भी मिली मजबूती और सुरक्षा

श्री गडकरी ने कहा कि हाईटेक और अच्छी सडक़ बनने की वजह से रक्षा क्षेत्र में भी भारत और मजबूत और सुरक्षित हुआ है । आज लगभग हर हाई-वे एक एयर स्ट्रिप है जहां हमारी सेना के लड़ाकू विमान या टैंक आसानी से उतारे जा सकते हैं । अभी हाल ही में पूर्वाञ्चल एस्प्रेस-वे पर वायुसेना के कई लड़ाकू विमान उतारे गए थे । ऐसे ही चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी चाहे वो अरुणाचल का क्षेत्र हो या राष्ट्रीय राजमार्ग से जुडऩे वाली 7000 करोड़ की जोजीला टनल, 3000 करोड़ रुपए की जेड-मॉर्थ टनल, मध्य प्रदेश में 790 करोड़ की रीवा-सीधी टनल, सियाचिन और लद्दाख क्षेत्र में कई टनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। चीन और पाकिस्तान के दिल दहलाने के लिए जहां सेना अपने विमान और टैंकों की आवाजाही होती रहती है।

टनल परियोजनाओं से आवाजाही में सुगमता

श्री गडकरी ने कहा कि पहले बड़े रास्तों में पहाड़ या नदी रुकावट बनते थे लेकिन टनल और अंडर पास के निर्माण ने गंतव्य तक जाने के विकल्प दिए हैं। भारतमाला परियोजना इसका ताजा उदाहरण है, जिसके अंतर्गत आज टनल और अन्डर-पास के निर्माण कार्य को तेज गति देते हुए सडक़ों को एक दूसरे से जोडऩे का भी कार्य हुआ है। परिवहन मंत्रालय के अंतर्गत 2014 से 2018 तक 28,531 किलोमीटर तक का निर्माण कार्य किया है।

खेती-किसानी में समृद्धि

‘स्वदेश’ से बातचीत में श्री गडकरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र भी आज हाई-वे से जुड़ गए हैं। गांव-गांव में नई सडक़ों का निर्माण हो रहा है। जिससे आज किसान समृद्ध हुए है और कृषि क्षेत्र भी उन्नत हुआ है। एथेनॉल के उत्पादन में सहभागिता निभाते हुए हमारे अन्नदाता अब ऊर्जादाता बन गए हैं।

एथेनॉल ईंधन का बेहतर विकल्प

श्री गडकरी ने कहा कि हम लोगों ने पेट्रोलियम की खपत कम करने और ऊर्जा आयात पर लगाम लगाने के लिए पूर्ण रोडमैप तैयार कर लिया है। अब एथेनॉल बेस्ड गाडिय़ां सडक़ों पर आएंगी। ये एथेनॉल चावल , मके जैसे कृषि पदार्थों से बनाते हैं जिसे हमारे कृषक उपजाते हैं । जब ऐसे पेट्रोलियम प्रोडट वाली गाडिय़ां जब सडक़ों पर उतरेंगी तो ,तेल की खपत कम होगी, प्रदूषण कम होगा जिससे पर्यावरण का संरक्षण होगा और इसके साथ ही किसानों के इनकम में बढ़ोारी होगी। यही नहीं विदेशों से आयात की जाने वाली पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर लगाम लगेगी। जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। उनके पेट्रोलियम के खर्चे कम होंगे और एथेनॉल से चलने वाली गाडिय़ों की वजह से 40 से 50 प्रतिशत पेट्रोल की खपत कम होगी। एथेनॉल बेस्ड पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट आएगी।

संपत्ति का मुद्रीकरण

श्री गडकरी ने बताया कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में ही संपाि के मुद्रीकरण पर काफी जोर देने की घोषणा की थी। कोरोना संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था संभली रही। सरकार अधोसंरचना विकास परियोजना के लिए लगातार धन जुटाने के नए विकल्प तलाश कर रही है। सरकार ने संपाि के मुद्रीकरण के लिए सडक़ बिजली ट्रांसमिशन, तेल, टेलीकॉम टॉवर, स्टेडियमो सहित अन्य परिसंपाियों के मुद्रीकरण की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत दूरसंचार क्षेत्र में 86 लाख किमी फाइबर संपाि और 14917 टॉवर व 81541 किमी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन, 6 गीगावॉट जलविद्युत और ऊर्जा संपाि इत्यादि संपाियाँ शामिल है।

लम्बा सफर अब चंद घंटों में 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक साथ कई राष्ट्रीय राजमार्ग बनाकर अभूतपूर्व कार्य किया है। जिससे गंतव्यों तक पहंचने में चंद घंटे लगेंगे। दिल्ली - देहरादून एसेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एसप्रेस-वे से सफर अब बेहद आसान हो जाएगा। इसके बनने से दिल्ली से देहरादून यात्रा का समय छह घंटे से घटकर महज दो से ढाई घंटे हो जाएगा। इस कॉरिडोर से वर्तमान की 235 किमी की दूरी घटकर 212 किमी हो जाएगी। इससे समय और इंधन की बचत होगी साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जयपुर-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से जयपुर से अमृतसर पहुंचने में अब चार घंटे ही लगेंगे। पुणे से मुंबई जाने में अब दो घंटे लगेंगे। इसी तरह कटरा-श्रीगर मार्ग बनने से आठ घंटे में ही अमृतसर से कटरा जाया जा सकता है। चैन्नई- मंगलौर राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से चार घंटे में मंगलौर पहुंच सकेंगे। दिल्ली से चार घंटे में अमृतसर जा सकेंगे। 

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