जब AI ने छीन ली नौकरी, उसी AI ने दिला दी 100% सैलरी बढ़ोतरी, एक इंजीनियर की कहानी
AI के चलते बदली नौकरी, लेकिन हार नहीं मानी। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नए स्किल्स सीखकर 100% सैलरी हाइक हासिल की।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अब सिर्फ भविष्य की चीज नहीं रह गई है। यह आज ही, इसी वक्त लोगों की नौकरियां बदल रही है। किसी के लिए यह डर की वजह है, तो किसी के लिए मौका। बेंगलुरु की रहने वाली सृष्टि ने X पर अपने चचेरे भाई की कहानी साझा की, जिसने यह दिखा दिया कि AI से भागने के बजाय अगर उसे समझ लिया जाए, तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
FAANG कंपनी में बदली भूमिका
सृष्टि के मुताबिक, उनके चचेरे भाई के पास आठ साल से ज्यादा का अनुभव था। वह बैकएंड और सिस्टम से जुड़ा काम करते थे और एक सक्षम इंजीनियर माने जाते थे। तकनीकी समझ मजबूत थी और काम का व्यावहारिक अनुभव भी। पिछले साल वह एक FAANG कंपनी में काम कर रहे थे, तभी उनकी भूमिका को चुपचाप रीस्ट्रक्चर कर दिया गया। इसका मतलब साफ था, टीम छोटी कर दी गई और वही काम अब AI टूल्स की मदद से ज्यादा तेज़ी से होने लगा। उनके आसपास के लोगों ने इसे माहौल या वाइब कोडिंग कहकर टाल दिया। कई लोगों का मानना था कि AI असली इंजीनियरों की जगह नहीं ले सकता, वह सिर्फ एक सपोर्ट टूल है। बात आंशिक रूप से सही थी लेकिन पूरी नहीं।
शिकायत नहीं, सीखने का फैसला
जहां बहुत से लोग ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया पर गुस्सा निकालते हैं वहीं सृष्टि के चचेरे भाई ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने पूरे एक साल तक खुद को अपस्किल करने में लगा दिया। उन्होंने सिर्फ प्रॉम्प्ट लिखना या ट्रेंड्स फॉलो करना नहीं सीखा। इसके बजाय उन्होंने लार्ज लैंग्वेज मॉडल, एम्बेडिंग, AI एजेंट्स, सिस्टम की सीमाएं और इन टूल्स से असली प्रोडक्ट कैसे बनाए जाते हैं इस पर फोकस किया। एक साल की मेहनत के बाद उन्हें नई नौकरी मिली। पद अलग था काम करने का तरीका बदला हुआ था लेकिन इंजीनियरिंग की मूल समझ वही रही. सबसे अहम बात उनकी सैलरी 100 प्रतिशत बढ़ गई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सृष्टि की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा देखने को मिली। कई यूजर्स ने कहा कि यह कहानी उनके ऑफिस में हो रहे बदलावों से मेल खाती है। एक यूजर ने लिखा, यह अभी हर जगह हो रहा है। दूसरे ने कहा कोड सोचने का नतीजा है, AI सिर्फ लिखने की रफ्तार बढ़ाता है।