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बच्चों के यौन शोषण रैकेट चलाने वाले इंजीनियर तक कैसे पहुंची सीबीआई

बच्चों के यौन शोषण रैकेट चलाने वाले इंजीनियर तक कैसे पहुंची सीबीआई
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File Photo

चित्रकूट। 50 बच्चों के यौन शोषण मामले (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) की जांच कर रही सीबीआई ने यूपी के सिंचाई विभाग में तैनात जेई रामभवन को मंगलवार को गिरफ्तार किया। आरोपी 'हैवान इंजीनियर' की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में उजागर हुए तथ्यों की पुष्टि के लिए सीबीआई दोबारा चित्रकूट पहुंची है। सीबीआई को जेई से बरामद मोबाइलों में तमाम पोर्न वीडियो मिले हैं। सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब उन बच्चों व उनके परिजनों को तलाश है, जिनके वीडियो मिले हैं। उनके बयान इस केस में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे। सीबीआई को पता चला है कि जेई को करीब आठ साल पहले ऐसी ही शिकायत पर किराए के मकान से भगाया गया था। 2012 में कर्वी में सिंचाई विभाग के पास एक मकान उसने किराए पर लिया था। महीने-डेढ़ महीने बाद ही उसकी करतूतें मकान मालिक तक पहुंच गईं। मकान मालिक ने फौरन उससे मकान खाली करा लिया था। फिलहाल वह एसडीएम कार्यालय के पीछे एक किराए के घर में सात साल से पत्नी दुर्गावती देवी के साथ रह रहा है।

अर्जुन सहायक परियोजना महोबा व रसिन बांध परियोजना चित्रकूट का काम देख रहा रामभवन एसडीएम कार्यालय के पीछे की बस्ती में किराए के घर में रह रहा था। सूत्रों के मुताबिक उसे सिंचाई कॉलोनी में आवास आवंटित था लेकिन वह कॉलोनी के बाहर ही रहा। चित्रकूट में पोस्टिंग के शुरुआती दिनों में उसने आफिस के पास ही सिकरी गांव निवासी कक्कू सिंह का घर किराए पर लिया था। कक्कू सिंह ने बताया कि रामभवन को घर किराए पर देने के कुछ दिन बाद ही पड़ोसियों ने घर में संदिग्ध गतिविधियोंं की शिकायत की। कक्कू सिंह ने बताया कि पड़ोसियों ने सख्त एतराज किया। बताया कि जेई ने भोजन बनाने के लिए एक महिला को रखा है, उसकी दो बेटियां भी वहां आती-जाती हैं। संदेहजनक हरकतें देखी गई हैं। मैंने डेढ़ माह में ही उससे घर खाली करा लिया था।

वह पहली बार 2 नवंबर को चर्चा में आया, जब सीबीआई की गाजियाबाद शाखा की टीम ने छापा मारा। टीम चार दिन तक चित्रकूट में डेरा डाले रही। पहले दिन सीबीआई अफसरों ने सिंचाई विभाग निर्माण खंड में तैनात सहायक अभियंता राम प्रसाद से जूनियर इंजीनियर रामभवन के बारे में जानकारी ली। उन्हीं के माध्यम से राम भवन को बुलवाया। उसके ड्राइवर अभय को भी पकड़ा। दोनों से पूछताछ की। अगली सुबह टीम ने मंदाकिनी पुल के पास सिंचाई विभाग की कालोनी पहुंच कर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। विभागीय लोगों में चर्चा थी कि आठ साल पहले एक महिला की खुदकुशी के मामले में पूछताछ हो रही है। लेकिन अगले दिन चर्चा फैली कि मामला अश्लील वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करने का है। चार नवंबर की शाम तमाम कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद सीबीआई टीम राम भवन को लेकर चित्रकूट से रवाना हो गई थी।

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि स्पेशल सेल ने दिल्ली में एक मुकदमा दर्ज किया था। पोर्न साइटों पर अश्लील सामग्री डालने के इस मामले की जांच के दौरान पता चला कि बांदा और चित्रकूट से भी कुछ अश्लील सामग्री अपलोड की जा रही है। इस पर सीबीआई की स्पेशल टीम को लगाया गया। टीम ने जांच के दौरान रामभुवन व एक अन्य को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई की गिरफ्त में फंसा जेई राम भवन निलंबित कर दिया गया है। उसके निलंबन का आदेश प्रमुख अभियंता परियोजना वीके निरंजन ने जारी किया। इसके कहा गया है कि अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड से प्राप्त सूचना के आधार पर अनैतिक कृत्य व कदाचार में लिप्त होने के कारण निलंबित किया गया है।

Updated : 18 Nov 2020 10:15 AM GMT

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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