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तूफान से भी तेज सूचना देगा DRDO का यह एयरक्राफ्ट

तूफान से भी तेज सूचना देगा DRDO का यह एयरक्राफ्ट
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लखनऊ। बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान पाकिस्तान में रेकी करने वाला भारतीय वायुसेना का एयरबोर्न एयरक्राफ्ट नेत्र तो याद होगा। यह वही रडार युक्त एयरक्राफ्ट था जिसने पाकिस्तान के आसमान में उड़ते हुए 300 किलोमीटर तक रेकी की थी। यह पाकिस्तान के आसमान में होने वाली हलचल की पल-पल सूचना दे रहा था। इसे डीएआरडीओ बेंगलुरु ने तैयार कराया था। अब डीआरडीओ भारतीय एयरफोर्स के लिए इससे भी अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट तैयार कर रहा है। करीब चार वर्ष में भारतीय वायुसेना को तफान से भी ज्यादा गति से सूचना देने वाला एयरक्राफ्ट रडार एयरबोर्न मिल जाएगा।

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) बेंगलुरु ने ही भारतीय वायुसेना को आसमान में सर्विलांस के लिए रडार युक्त एयरक्राफ्ट नेत्र उपलब्ध कराया था। यह वर्ष 2017 में भारतीय वायुसेना को मिला था। अभी एयरफोर्स के पास दो एयरबोर्न रडार हैं। इसी में से एक ने बालाकोट एयर स्ट्राइक में रेकी की थी। यह 300 किलोमीटर तक आसमान में होने वाली हर हरकत पर नजर रखे हुए था। करीब पांच सेकंड में सूचनाएं अपडेट कर रहा था। यानी हर पांच सेकंड में डेटा भारतीय वायुसेना को मिल रहा था कि पाकिस्तान के आसमान में क्या हो रहा है। वह पाकिस्तान के आसमान में उड़ने वाले घरेलू, लड़ाकू विमानों के साथ साथ परिन्दों तक की रिपोर्ट दे रहा था, जिससे भारत को कामयाबी मिली थी। डिफेंस एक्सपो में डीआरडीओ ने इसका प्रदर्शन किया है। सेन्टर फार एयरबोर्न सिस्टम बेंगलुरु के वरिष्ठ वैज्ञानिक अमित कुमार कहते हैं कि जल्दी ही एक और नेत्र भारतीय वायुसेना को सौंप दिया जाएगा।

इससे पहले भारतीय वायुसेना को दो नेत्र दिए गए थे। एक वर्ष 2017 व दूसरा वर्ष 2019 में सौंपा गया था। डॉ. अमित बताते हैं कि डीआरडीओ बेंगलुरु अब इससे भी ताकतवर एयरबोर्न एयरक्राप्ट रडार तैयार करा रहा है। पहले बनाया गया नेत्र केवल दोनों तरफ ही 300 किलोमीटर तक नजर रखता था लेकिन नया एयरबोर्न 360 डिग्री पर काम करेगा। यानी हर तरफ से वह आसमान में होने वाली हलचल की रिपोर्ट देगा। यह तीन सेकंड में सूचनाएं अपडेट करेगा। यानी तूफान से भी ज्यादा गति से सूचनाएं अपडेट होंगी, जिससे दुश्मनों के आसमान में होने वाली हर हलचल के बारे में तेजी से जानकारी होगी। इसका भी माडल डिफेंस एक्सपो में प्रदर्शित किया गया है। इसमें करीब आठ आपरेटर बैठ सकेंगे जबकि नेत्र में करीब चार ही रहते थे।

बेंगलुरु में डीआरडीओ के लैब में तैयार होने वाला यह नया एयरबोर्न रडार बहुत ही सटीक जानकारी देगा। वह 300 किलोमीटर दूर दुश्मन के आसमान में होने वाली गतिविधि की इतनी सटीक जानकारी देगा कि उसमें रत्ती भर अंतर नहीं होगा। अगर कोई विमान आसमान में आ रहा है तो उसकी सही रफ्तार भी बताएगा। उसकी दूरी भी बताएगा। दिशा व उसका पूरा रूट भी भारतीय वायुसेना को बताएगा। सही जानकारी मिलने पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान दुश्मनों के विमानों को उसी की सीमा में मार सकेंगे।

Updated : 2020-02-07T01:21:16+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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