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Mobile Use and Low Sperm Count Study Report

जेब में रखा मोबाइल घटा सकता है स्पर्म काउंट? स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बात

मोबाइल का अधिक इस्तेमाल पुरुषों के स्पर्म काउंट पर असर डाल सकता है। स्टडी में रेडिएशन और गर्मी के प्रभाव को लेकर चौंकाने वाले निष्कर्ष सामने आए।

जेब में रखा मोबाइल घटा सकता है स्पर्म काउंट स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बात

नई दिल्ली। आज के दौर में मोबाइल फोन के बिना जिंदगी की कल्पना करना मुश्किल है। लेकिन यही मोबाइल पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर डाल सकता है ऐसा एक नई स्टडी में दावा किया गया है। इनफर्टिलिटी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और कम उम्र में भी पुरुषों में लो स्पर्म काउंट की समस्या देखी जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि लाइफस्टाइल, खानपान, तनाव के साथ-साथ मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल भी एक वजह हो सकता है।

क्या कहती है रिसर्च?

जर्नल Fertility and Sterility में प्रकाशित एक अध्ययन में 2005 से 2018 के बीच 18 से 22 वर्ष के लगभग 2,886 पुरुषों पर रिसर्च की गई। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के वीर्य के सैंपल लेकर स्पर्म काउंट, उनकी गतिशीलता (motility) और गुणवत्ता की जांच की। साथ ही यह भी पूछा गया कि वे दिन में कितनी बार मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं। नतीजों में पाया गया कि जो पुरुष दिन में 20 से अधिक बार फोन चेक करते थे, उनमें कुल स्पर्म काउंट कम पाया गया, जबकि सीमित उपयोग करने वालों में स्पर्म अपेक्षाकृत स्वस्थ और सक्रिय थे।

रेडिएशन और गर्मी की भूमिका

हालांकि यह पूरी तरह साबित नहीं हुआ कि सिर्फ पैंट की जेब में फोन रखने से ही नुकसान होता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें और गर्मी असर डाल सकती हैं। पुरुष अक्सर फोन को फ्रंट पॉकेट में रखते हैं, जो अंडकोष के काफी करीब होता है। लगातार गर्मी और रेडिएशन के संपर्क से शुक्राणुओं के निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

स्पर्म काउंट समझें आसान भाषा में

स्पर्म काउंट का मतलब है वीर्य में मौजूद शुक्राणुओं की संख्या। अगर यह संख्या कम हो जाए या उनकी गति धीमी हो जाए, तो गर्भधारण में दिक्कत आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल संतुलन और प्रजनन तंत्र को प्रभावित कर सकता है।

क्या करें?

  • फोन को लंबे समय तक शरीर से सटाकर न रखें
  • जरूरत न हो तो बार-बार फोन चेक करने की आदत कम करें
  • लैपटॉप या मोबाइल को सीधे गोद में रखकर लंबे समय तक काम करने से बचें
  • संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को अपनाएं

मोबाइल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन संतुलन जरूरी है, आंखों और नींद के साथ-साथ फर्टिलिटी पर भी इसका असर पड़ सकता है, इसलिए सावधानी ही समझदारी है।